
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, जयपुर : दीपावली एवं छठ पूजा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे ने ट्रेनों और रेलवे परिसरों में पटाखे, आतिशबाजी तथा अन्य ज्वलनशील पदार्थ ले जाने पर सख्ती बढ़ा दी है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान ऐसी कोई भी वस्तु साथ न रखें, जिससे आग लगने या दुर्घटना होने की आशंका हो।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि पटाखे, फुलझड़ियां, अनार, रॉकेट, गैस सिलेंडर, पेट्रोल, डीजल और केरोसिन जैसे खतरनाक एवं ज्वलनशील पदार्थ यात्री डिब्बों तथा पार्सल में ले जाना प्रतिबंधित है। नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए रेलवे स्टेशनों, ट्रेनों और पार्सल कार्यालयों में जांच एवं निगरानी बढ़ाई गई है।
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) और रेलवे कर्मचारियों द्वारा सीसीटीवी कैमरों, बैगेज स्कैनिंग तथा डॉग स्क्वॉड की मदद से संदिग्ध सामान की जांच की जा रही है।

रेलवे ने धूम्रपान के विरुद्ध भी जागरूकता अभियान चलाया है। जन विश्वास (संशोधन) अधिनियम, 2026 के तहत रेलवे अधिनियम की धारा 167 में संशोधन के अनुसार रेल परिसर और डिब्बों में धूम्रपान करने पर 2,000 रुपये की शास्ति का प्रावधान है।
इसी प्रकार रेलवे अधिनियम की धारा 164 के तहत खतरनाक वस्तुएं अवैध रूप से ले जाने पर तीन वर्ष तक कारावास अथवा एक हजार रुपये तक जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। धारा 165 के तहत प्रतिबंधित पदार्थ ले जाने पर कम से कम 10 हजार रुपये की शास्ति निर्धारित है।
रेल प्रशासन ने यात्रियों से किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की सूचना आरपीएफ, जीआरपी, टीटीई अथवा रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर देने की अपील की है।

