
अशोक यादव, लखनऊ : उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय में आयोजित एक हाई-प्रोफाइल संयुक्त प्रेस वार्ता में कांग्रेस के शीर्ष कप्तानों ने मतदाता सूची (SIR) में बड़े पैमाने पर तकनीकी हेरफेर और विस्मयकारी चुनावी गड़बड़ियों का सनसनीखेज विधिक पर्दाफाश किया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के यूपी प्रभारी व पूर्व मंत्री राजेंद्र पाल गौतम, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व विधायक श्रीमती आराधना मिश्रा ‘मोना’, एआईसीसी सोशल मीडिया चेयरमैन व राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीमती सुप्रिया श्रीनेत तथा प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष व सांसद इमरान मसूद ने संयुक्त रूप से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार एवं उनकी टीम पर लोकतंत्र की हत्या करने और एक सुनियोजित विखंडित षड्यंत्र रचने का गंभीर विधिक आरोप लगाया है।
पीलीभीत सदर विधानसभा में १६,५५४ वोटों का बड़ा खेल, संजय गंगवार की जीत पर उठाए सवाल
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने पुख्ता विधिक साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए बताया कि यूपी की विधानसभा क्षेत्र संख्या 127-पीलीभीत सदर में एक विस्मयकारी पैटर्न के तहत कुल 13,150 मतदाताओं के वोटर आईडी (EPIC) नंबर और सीरियल नंबर को पूरी तरह समान रखते हुए उनके नाम और पिता के नाम रातों-रात बदल दिए गए। इसके अतिरिक्त 884 जीवित स्थानीय मतदाताओं के नाम सूची से विलोपित कर दिए गए तथा 2,600 ऐसे फर्जी वोटर जोड़े गए जो मौके पर रहते ही नहीं हैं। राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने इस डेटा को रेखांकित करते हुए कहा कि पीलीभीत सदर सीट से योगी सरकार में मंत्री व विधायक संजय गंगवार ने पिछला चुनाव मात्र 6,930 वोटों से जीता था, जबकि इसी सीट पर 16 हजार से अधिक वोटों की विखंडित धांधली सॉफ्टवेयर के जरिए की गई है।
सॉफ्टवेयर हैकिंग और सीमा खन्ना पर गंभीर आरोप, सुप्रीम कोर्ट से एसआईआर (SIR) खारिज करने की मांग
सुप्रिया श्रीनेत ने कड़ा रुख अपनाते हुए सीमा खन्ना नामक अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाया और कहा कि उन्होंने चुनाव आयोग के तकनीकी सॉफ्टवेयर पर कब्जा करके मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इशारे पर व्यापक वोट चोरी को अंजाम दिया है और अब वे प्रशासनिक गलियारों से पूरी तरह गायब हैं। कांग्रेस कप्तानों ने साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए दिखाया कि कैसे एक ही EPIC नंबर पर मोहम्मद यूसुफ का नाम हटाकर हसरत दर्ज कर दिया गया। आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने इसे लोकतंत्र पर अभूतपूर्व प्रहार बताते हुए इसके खिलाफ उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट में विधिक लड़ाई लड़ने तथा इस पूरी एसआईआर (SIR) प्रक्रिया को तत्काल विखंडित व खारिज करने की मांग की।

इमरान मसूद ने कार्यकर्ताओं को सराहा; आम जनता से की मतदाता सूची की जांच की अपील
सांसद इमरान मसूद ने पीलीभीत के सजग कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पीठ थपथपाई, जिन्होंने कड़े प्रयास कर इस व्यापक डेटा विसंगति को उजागर किया। उन्होंने जनता से ‘वन पर्सन, वन वोट’ के संवैधानिक सिद्धांत की रक्षा हेतु चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपने नाम की मुस्तैद जांच करने की अपील की। सुप्रिया श्रीनेत ने तकनीकी विश्लेषण प्रस्तुत करते हुए बताया कि साल 2024 में उत्तर प्रदेश में करीब 15.41 करोड़ मतदाता थे, जिसमें नियमानुसार 1.26 करोड़ नए वोट जुड़ने चाहिए थे, परंतु इसके विपरीत लगभग 2.04 करोड़ वैध नाम सूची से विलोपित कर दिए गए। कांग्रेस ने स्थानीय जिलाधिकारियों (DM) और उपजिलाधिकारियों (SDM) से इस पर तत्काल विधिक स्पष्टीकरण देने की मांग की है।
