वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर रेलवे में सालभर चले समारोह का भव्य समापन, विजेताओं को किया गया सम्मानित

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, नई दिल्ली ; राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भारतीय रेल द्वारा आयोजित सालभर के समारोह का समापन सप्ताह उत्साह और देशभक्ति के माहौल में मनाया जा रहा है। इसी क्रम में गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को रेल भवन में एक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं सीईओ सतीश कुमार सहित बोर्ड के सदस्य, महानिदेशक और अन्य वरिष्ठ रेल अधिकारी उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय एकता, देशभक्ति और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को समर्पित यह आयोजन चार चरणों में संपन्न हुआ। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक महत्व और इसके माध्यम से प्रसारित एकता, समर्पण एवं राष्ट्रप्रेम की भावना को जन-जन तक पहुंचाना रहा।

सामूहिक गायन से हुई समारोह की शुरुआत

समारोह के पहले चरण का शुभारंभ 7 नवंबर 2025 को रेल भवन के सम्मेलन कक्ष में ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन के साथ हुआ। इस अवसर पर केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव विशेष रूप से उपस्थित रहे। सामूहिक गायन के माध्यम से रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों ने राष्ट्रीय गीत के प्रति अपनी श्रद्धा एवं सम्मान व्यक्त किया।

निबंध प्रतियोगिता के जरिए एकता का संदेश

दूसरे चरण में 22 जनवरी 2026 को रेलवे बोर्ड में ‘वंदे मातरम्: भारत की विविधता में एकता की भावना’ विषय पर निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता के माध्यम से प्रतिभागियों को राष्ट्रीय गीत के ऐतिहासिक महत्व, सांस्कृतिक विरासत और देश की एकता में इसकी भूमिका पर अपने विचार प्रस्तुत करने का अवसर मिला।

क्विज प्रतियोगिता के साथ निकाली गई तिरंगा रैली

तीसरे चरण में 10 अगस्त 2026 को रेलवे बोर्ड में ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पर आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसी अवसर पर रेल भवन परिसर में केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के नेतृत्व में तिरंगा रैली भी निकाली गई। रैली में रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं सीईओ श्री सतीश कुमार, बोर्ड के सदस्यों, महानिदेशकों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार और प्रमाण पत्र

समारोह के चौथे एवं अंतिम चरण के तहत 5 नवंबर 2026 को आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में निबंध और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार एवं योग्यता प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इसके साथ ही पूरे वर्ष आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले रेलवे बोर्ड सांस्कृतिक समूह को भी सम्मानित किया गया। समूह के सदस्यों को उनके समर्पण, सहयोग और सराहनीय प्रयासों के लिए पुरस्कार एवं योग्यता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

भारतीय रेल की कार्यसंस्कृति में भी झलकती है वंदे मातरम् की भावना

इस अवसर पर ‘वंदे मातरम्’ के मूल संदेश को रेखांकित करते हुए एकता, समर्पण और सामूहिक प्रयास के महत्व को उजागर किया गया। ये मूल्य भारतीय रेल की कार्यप्रणाली और कार्यसंस्कृति का भी अभिन्न हिस्सा हैं।

इस आयोजन ने रेलवे अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उस प्रतिबद्धता को फिर से रेखांकित किया, जिसके तहत वे निष्ठा, सत्यनिष्ठा और दक्षता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए भारतीय रेल को प्रगति की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में योगदान दे रहे हैं।

इस प्रकार ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने पर आयोजित सालभर के समारोह का समापन न केवल राष्ट्रीय गीत के गौरवशाली इतिहास को याद करने का अवसर बना, बल्कि राष्ट्रीय एकता, देशभक्ति और सामूहिक जिम्मेदारी के संकल्प को भी नई ऊर्जा प्रदान करने वाला साबित हुआ।

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