
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, देहरादून : उत्तराखंड में डिजिटल एवं प्रौद्योगिकी-सक्षम शिक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है । उत्तराखंड राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) और कोटक एजुकेशन फाउंडेशन (केईएफ) ने मंगलवार को राज्यभर के शिक्षकों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की साक्षरता और दक्षता विकसित करने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
दीक्षा और ई-सृजन पोर्टल पर उपलब्ध होंगे एआई कोर्स
इस रणनीतिक साझेदारी को एससीईआरटी के अतिरिक्त निदेशक पद्मेंद्र सकलानी ने औपचारिक रूप से मंजूरी प्रदान की। उन्होंने बताया कि इस सहयोग के तहत शिक्षकों के लिए विशेष कंटेंट व ऑनलाइन पाठ्यक्रम विकसित किए जाएंगे, जिन्हें दीक्षा (DIKSHA), यूके ई-सृजन और मिशन कर्मयोगी जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से राज्य के दूरस्थ जिलों के शिक्षकों तक पहुँचाया जाएगा [29-09-2026]। केईएफ द्वारा महाराष्ट्र में 7.5 लाख शिक्षकों को प्रशिक्षित करने वाले सफल मॉडल के आधार पर उत्तराखंड में ‘एआई कोर्स फॉर एजुकेटर्स’ को लागू किया जाएगा।
भविष्य के लिए तैयार होंगी देवभूमि की कक्षाएं
एमओयू हस्ताक्षर समारोह में एससीईआरटी की अकादमिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण निदेशक बंदना गर्ब्याल, उप निदेशक विनोद मथुरा, सहायक निदेशक डॉ. के. एन. बिजल्वाण तथा आईटी विभाग के रमेश प्रसाद बडोनी उपस्थित रहे। वहीं केईएफ की ओर से सीओओ जयश्री रमेश, मिलिंद पांडे और दीपक पाठक ने सहभागिता की।

निदेशक बंदना गर्ब्याल ने इस साझेदारी का स्वागत करते हुए कहा कि यह भविष्य के लिए तैयार कक्षाओं तथा इनोवेट उत्तराखंड हैकाथॉन 3.0 के लिए मील का पत्थर साबित होगी। कोटक एजुकेशन फाउंडेशन की सीओओ जयश्री रमेश ने प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि उनका लक्ष्य हर बच्चे को भविष्य के लिए तैयार शिक्षक उपलब्ध कराना है।