
अनुपूरक न्यूज़ एजेंसी, लखनऊ : उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प को पूरा करने के लिए गोमतीनगर स्थित पर्यटन भवन के सभागार में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कार्ययोजना तैयार कर रही संस्था डेलॉयट के प्रतिनिधियों के समक्ष पिछले दो वर्षों की कार्यप्रगति पर गहरी अप्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने दोटूक कहा कि कागजी योजनाओं के बजाय परिणाम धरातल पर दिखने चाहिए।

पर्यटकों की सटीक गिनती के लिए लगेंगे नाइट विजन कैमरे:
पर्यटन मंत्री ने डेलॉयट को निर्देशित किया कि नैमिषारण्य, विंध्याचल धाम और चित्रकूट के प्रमुख तीर्थ स्थलों पर 15 नवंबर तक अनिवार्य रूप से नाइट विजन कैमरे स्थापित कर दिसंबर तक उन्हें चालू किया जाए, ताकि पर्यटकों के आगमन की वास्तविक व तथ्यपरक गणना हो सके। उन्होंने प्रदेश के 14 टूरिज्म सर्किटों के अंतर्गत 60 जनपदों की वास्तविक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी ने भी डेलॉयट को निर्देशित किया कि कार्ययोजना के क्रियान्वयन की गति बढ़ाई जाए क्योंकि वन ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य में पर्यटन विभाग की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है।
यूपी में आया भारी निवेश, जून 2026 तक आए 58 करोड़ पर्यटक:
बैठक में डेलॉयट के प्रतिनिधियों (कार्तिक व अन्य) ने बताया कि प्रदेश में जून 2026 तक रिकॉर्ड 58 करोड़ पर्यटकों का आगमन हुआ है, जिससे जीएसटी (GST) राजस्व में भारी बढ़ोतरी हुई है। पिछले तीन वर्षों में 1,000 नए होटलों के मानचित्र स्वीकृत हुए हैं। बड़े कॉर्पोरेट निवेशों का विवरण देते हुए बताया गया कि महिंद्रा हॉलीडेज ने वाराणसी और अयोध्या में ₹500 करोड़, इमैजिका वर्ल्ड ने ग्रेटर नोएडा में ₹400 करोड़, आईटीसी होटल्स ने लखनऊ में ₹350-400 करोड़, टक्साल थिएटर ने वाराणसी में ₹295 करोड़ तथा राजदीप इन्फ्रा एंड सेल्स ने लखनऊ में ₹200 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया है।

अपर मुख्य सचिव (पर्यटन) अमृत अभिजात ने इन परियोजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। इस दौरान यूपीटीडीसी के एमडी आशीष कुमार, उपसचिव चंदन रावत तथा पर्यटन सलाहकार जे.पी. सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे !
