68,500 शिक्षक भर्ती की आरक्षण विसंगति पर अभ्यर्थियों का मंत्री आवास पर प्रदर्शन, पुलिस ने बसों से ईको गार्डन भेजा

राहुल यादव, लखनऊ : 68,500 सहायक अध्यापक भर्ती-2018 में आरक्षण विसंगति दूर करने और न्याय की मांग को लेकर पिछले 66 दिनों से धरना-प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का आक्रोश गुरुवार को फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास पर पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए मंत्री से मुलाकात और अपनी समस्याओं पर वार्ता करने की मांग उठाई।

अभ्यर्थियों का आरोप है कि 68,500 शिक्षक भर्ती में ओबीसी वर्ग को आरक्षण का उचित लाभ दिए बिना भर्ती प्रक्रिया पूरी कर दी गई। इस मामले में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग और केंद्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की ओर से आरक्षण का लाभ देते हुए परिणाम संशोधित करने तथा पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने संबंधी आदेश एवं संस्तुतियां जारी की जा चुकी हैं। इसके बावजूद शासन स्तर पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे तूफान सिंह और आशुतोष वर्मा ने बताया कि पूर्व में मंत्री आवास पर हुई बैठक में मुख्यमंत्री और कैबिनेट स्तर पर वार्ता कर आयोग के आदेश का अनुपालन कराने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी 66 दिनों से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

महिला मोर्चा प्रमुख रंजना जायसवाल ने कहा कि महिला अभ्यर्थी भी घर-परिवार छोड़कर धरने और भूख हड़ताल पर बैठी हैं, लेकिन उनकी पीड़ा सुनने वाला कोई नहीं है। उन्होंने मंत्री से बाहर आकर वार्ता करने की अपील की।

प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने आरक्षण के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। हालांकि काफी देर तक प्रदर्शन के बावजूद मंत्री से मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को बसों में बैठाकर ईको गार्डन भेज दिया। अभ्यर्थियों ने पुलिस पर घसीटने और मारपीट करने का आरोप लगाया। इसी दौरान भूख हड़ताल पर बैठे दीपक पटेल की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।

अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी कि आरक्षण विसंगति दूर कर न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।

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