
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, चित्रकूट : महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती अत्यंत धूमधाम, गरिमा और सादगी के साथ मनाई गई।

बापू, शास्त्री और नानाजी देशमुख को दी श्रद्धांजलि
समारोह का औपचारिक शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. आलोक चौबे के कुशल नेतृत्व में किया गया। विश्वविद्यालय परिवार ने सर्वप्रथम गांधी उद्यान स्थित पूज्य बापू की भव्य प्रतिमा, विश्वविद्यालय के संस्थापक भारतरत्न नानाजी देशमुख की प्रतिमा तथा पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के तैल चित्र पर पारंपरिक माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इसके उपरांत गांधी भवन में एक सर्वधर्म प्रार्थना सभा आयोजित की गई, जिसमें संगीत इकाई के छात्र-छात्राओं ने बापू का परम प्रिय भजन ‘वैष्णव जन तो तेने कहिये पीर पराई जाने रे’ सामूहिक रूप से प्रस्तुत किया।
भ्रामक सोशल मीडिया पोस्ट से दूर रहने की अपील
कुलगुरू प्रो. आलोक चौबे ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा विश्वविद्यालय पूज्य बापू के नाम पर है और इसकी स्थापना राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख ने की थी, इसलिए समाज के प्रति हमारी विधिक व नैतिक जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। आजकल सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर गांधी जी के बारे में कई भ्रामक व अधूरी जानकारियां फैलाई जाती हैं। युवाओं को इन भ्रामक पोस्टों से अपनी राय बनाने के बजाय बापू के वास्तविक व्यक्तित्व, कृतित्व और उनके प्रासंगिक जीवन दर्शन को गहराई से पढ़ना चाहिए।

इस गरिमापूर्ण राष्ट्रीय उत्सव का सफल संयोजन हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. ललित कुमार सिंह द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में कुलसचिव प्रो. आञ्जनेय पांडेय ने उपस्थित समस्त प्राध्यापकों, प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
