ग्रामोदय विश्वविद्यालय में सेवानिवृत्त कर्मियों का विदाई समारोह; कुलगुरु चौबे बोले – साथियों के अनुभवों से संस्था को आगे बढ़ाएंगे

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, चित्रकूट : महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के रजत जयंती भवन में बुधवार को अधिवार्षिकी सेवा पूर्ण कर सेवानिवृत्त हुए एवं पूर्व में सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सम्मान में एक भव्य विदाई-सह-सम्मान समारोह का सफल आयोजन किया गया। इस दौरान विश्वविद्यालय परिवार ने सभी वरिष्ठ साथियों के योगदान को याद कर उनके सुखद भविष्य की कामना की।

कुलगुरु ने अनुभवों को विश्वविद्यालय से जोड़ने पर दिया बल
समारोह की अध्यक्षता करते हुए कुलगुरु प्रो. आलोक चौबे ने कहा कि सेवानिवृत्ति से विश्वविद्यालय का संबंध समाप्त नहीं होता। उन्होंने पूर्व विद्यार्थियों व एलुमनी को जोड़ने की आवश्यकता बताते हुए दिसंबर में प्रस्तावित इंजीनियरिंग के पूर्व विद्यार्थियों के सम्मेलन का भी उल्लेख किया।

समारोह में इस माह सेवानिवृत्त हुए सहायक अभियंता डॉ. इंजी. सच्चिदानन्द ओझा (जिन्होंने लेखा नियंत्रक के रूप में भी सेवा दी) तथा सहायक श्रेणी-2 श्री रमेश प्रसाद को भावभीनी विदाई दी गई [30-09-2026]। इनके साथ ही गत माह सेवानिवृत्त हो चुके इंजी. अश्वनी दुग्गल (एसोसिएट प्रोफेसर, खाद्य प्रौद्योगिकी), श्री विनोद कुमार गुप्ता (फार्मासिस्ट) तथा श्रीमती मीना श्रीवास्तव (लैब अटैन्डेन्ट) को भी सम्मानित किया गया। सभी सेवानिवृत्त कर्मियों ने अपनी सेवा के सकारात्मक संस्मरण साझा करते हुए संस्था के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।

वरिष्ठ आचार्यों ने दी शुभकामनाएं
इस विदाई वेला में प्रो. अमरजीत सिंह और प्रो. ललित कुमार सिंह ने कर्मचारियों के अद्वितीय योगदान को रेखांकित किया। समारोह में प्रो. ई.एस. कुशवाहा (अथवा मूल पाठानुसार प्रो. एच.एस. कुशवाहा) एवं प्रो. रवि चौरे ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम के अंत में कुलसचिव प्रो. आञ्जनेय पांडेय ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया और विश्वविद्यालय की आर्थिक व बुनियादी प्रगति के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला।

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