
अशोक यादव, लखनऊ: अंतरराष्ट्रीय फार्मास्युटिकल फेडरेशन की घोषणा के अनुरूप विश्व फार्मासिस्ट दिवस के अवसर पर फार्मासिस्ट फेडरेशन द्वारा मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के सभागार में एक भव्य वैज्ञानिक सेमिनार का आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम “Empowering pharmacists for healthier futures” (स्वस्थ भविष्य के लिए फार्मासिस्टों को सशक्त बनाना) पर आधारित इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य सेवाओं में फार्मासिस्टों के योगदान और उनकी बदलती भूमिका पर गहन विमर्श हुआ।
सुरक्षित दवा चिकित्सा में फार्मासिस्टों की भूमिका सर्वोपरि
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. जी. पी. गुप्ता (निदेशक, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल चिकित्सालय एवं अपर निदेशक, लखनऊ मंडल) ने कहा कि ड्रग इंटरैक्शन को रोकना, दवाओं की सही डोज का निर्धारण और फार्माकोविजिलेंस जैसे तकनीकी कार्य फार्मासिस्टों की विशेषज्ञता को दर्शाते हैं। विशिष्ट अतिथि डॉ. एच. एन. त्रिपाठी (निदेशक एवं विभागाध्यक्ष, इंटरनल मेडिसिन, मैक्स हॉस्पिटल) ने कहा कि दवाओं के क्षेत्र में किसी भी प्रकार की मानवीय भूल स्वीकार्य नहीं है और इसमें फार्मासिस्टों की सजगता सराहनीय है। वैज्ञानिक सत्र में मैक्स हॉस्पिटल के आईसीयू विभागाध्यक्ष डॉ. पुष्पेंद्र सांगवान ने गंभीर मरीजों में औषधि-सुरक्षा पर व्यावहारिक व्याख्यान दिया।
पदभार और गरिमा बढ़ाने का संकल्प
अध्यक्षता करते हुए फार्मासिस्ट फेडरेशन के अध्यक्ष सुनील यादव ने कहा कि फार्मासिस्टों को केवल दवा वितरण तक सीमित न रखकर उनकी विशेषज्ञता का प्रभावी उपयोग किया जाना चाहिए। इस गरिमापूर्ण सेमिनार में फेडरेशन के महामंत्री अशोक कुमार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जे. पी. नायक, उपाध्यक्ष राजेश सिंह व शिवकरन यादव, रिटायर विंग के अध्यक्ष जय सिंह सचान, एच. एल. राज, दीक्षित, यूथ फार्मेसिस्ट फेडरेशन के अध्यक्ष आदेश कृष्ण, महासचिव देवेंद्र, जनपद सचिव धीरेन्द्र, संरक्षक उपेंद्र तथा यूथ महिला विंग की अध्यक्ष अनुराधा उपस्थित रहीं। इनके साथ ही अजीत, अवधेश, अभिषेक, अनिल और सलमान सहित फेडरेशन के तमाम पदाधिकारियों ने सुरक्षित व तर्कसंगत दवा उपयोग का संकल्प लिया।