चित्रकूट में अंतरराष्ट्रीय रामलीला का दूसरा दिन भव्य; आंध्र प्रदेश के कलाकारों ने जीवंत किया ‘सीता स्वयंवर’ का प्रसंग

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, चित्रकूट : मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग और श्रीराम पथ गमन न्यास द्वारा राघव प्रयाग घाट पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय राम लीला उत्सव के दूसरे दिन प्रभु श्रीराम की दिव्य बाल लीलाओं और विवाह प्रसंगों का विस्मयकारी मंचन किया गया । उत्सव के दूसरे दिन के मुख्य विधिक सत्र का औपचारिक शुभारंभ उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री बादशाह सिंह, गायत्री शक्तिपीठ के व्यवस्थापक डॉ. रामनारायण त्रिपाठी, दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव अभय महाजन, तुलसी शोध संस्थान की निदेशक श्रीमती मंजूषा राजस जोहरी तथा भाजपा सतना के जिला उपाध्यक्ष राव प्रबल श्रीवास्तव द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

आंध्र प्रदेश के कलाकारों ने ‘यक्षगान’ शैली से बांधा समां
महोत्सव के दूसरे दिन आंध्र प्रदेश से आए ‘विभूति श्रीनिवास राजू चण्डू यक्षगान बुंदम’ के कलाकारों ने पारंपरिक यक्षगान कला शैली के माध्यम से महर्षि विश्वामित्र के यज्ञ की रक्षा, श्रीराम वनवास तथा श्रीराम – रावण युद्ध के मार्मिक प्रसंगों को धरातल पर जीवंत किया। इस दौरान डिजिटल स्क्रीन तकनीक के जरिए मिथिला नगरी का भव्य विखंडन, शिव धनुष भंजन, सीता स्वयंवर तथा चारों भाइयों के विवाह का दृश्य प्रस्तुत कर दर्शकों को विमुग्ध कर दिया गया।

आगामी १९ अक्टूबर तक राघव प्रयाग घाट पर गूंजेंगे प्रभु राम के विधिक जयकारे
विशाला सांस्कृतिक एवं लोकहित समिति (उज्जैन) की कुशल देखरेख में संचालित हो रहे इस सात दिवसीय अनुष्ठान की आगामी समय-सारणी भी मुस्तैदी से जारी कर दी गई है। इसके तहत आज 15 अक्टूबर को केवट प्रसंग व भरत मिलाप, 16 अक्टूबर को तेलंगाना के चण्डूला कृष्णैया बुंदम दल द्वारा सीता हरण, 17 व 18 अक्टूबर को हनुमान गाथा व रामसेतु निर्माण तथा समापन दिवस 19 अक्टूबर को रूस के मास्को से आए पद्मश्री गेनादी पेचनीकोव स्मृति दिशा रामलीला दल द्वारा रावण वध एवं भव्य ‘श्रीरामराज्य’ का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मंचन किया जाएगा ।

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