
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, बरेली / काठगोदाम: सम्पूर्ण भारतीय रेलवे के गौरवशाली अतीत एवं स्थापना से जनमानस को परिचित कराने के उद्देश्य से स्टेशनों पर ‘स्टेशन महोत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में, पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल के अंतर्गत कुमाऊँ क्षेत्र के प्रवेश द्वार काठगोदाम रेलवे स्टेशन के गौरवशाली 142 वर्ष पूर्ण होने पर भव्य ‘स्टेशन महोत्सव’ का आयोजन किया गया। स्टेशन के कॉनकोर्स एरिया में सजी हेरिटेज फोटो प्रदर्शनी का उद्घाटन डीयूआरसीसी (DURCC) सदस्य हुकुम सिंह कुंवर एवं महापौर प्रतिनिधि नीरज बिष्ट ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया।

24 अप्रैल 1884 को लखनऊ से आई थी पहली ट्रेन
महोत्सव के दौरान काठगोदाम के ऐतिहासिक सफर की तकनीकी व विधिक विकास यात्रा पर प्रकाश डाला गया। ब्रिटिश काल में रोहिलखंड एवं कुमाऊँ रेलवे के अधीन 24 अप्रैल 1884 को लखनऊ से पहली मीटर गेज ट्रेन काठगोदाम पहुँची थी। बाद में, यात्री आवश्यकताओं को देखते हुए 4 मई 1994 को इसे ब्रॉड गेज में परिवर्तित कर देश के प्रमुख शहरों से जोड़ा गया। समारोह के प्रारंभ में मंडल वाणिज्य प्रबंधक जगदीप ने अतिथियों का स्वागत किया।

सेवानिवृत्त रेलकर्मियों का सम्मान और नुक्कड़ नाटक
इस ऐतिहासिक अवसर पर अतिथियों द्वारा केक काटा गया तथा रेलवे की समर्पित सेवाओं के लिए सेवानिवृत्त रेलकर्मियों— स्टेशन प्रबंधक अर्जुन लाल टम्टा, कैलाश सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रहलाद सिंह मर्तोलिया, तकनीशियन हरी नंदन त्रिपाठी तथा वाणिज्य अधीक्षक श्री गणेश दत्त पांडे को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।

इसके उपरांत, स्काउट एवं गाइड जिला संघ के सदस्यों ने स्वच्छता जागरूकता पर नुक्कड़ नाटक व देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम के समापन पर जनसंपर्क अधिकारी सफदर हुसैन ने धन्यवाद ज्ञापित किया तथा संचालन श्रीमती दिविता अग्निहोत्री ने किया। इस गौरवमयी विधिक उत्सव में काठगोदाम स्टेशन प्रबंधक डी. एस. बोरा, स्काउट जिला सचिव हरिशंकर सागर, सत्यवान, हरीश भाकोनी, रहमतुल्लाह हुसैन, अनुराग सिंह बघेल, विद्यासागर तथाडी.एस. चौहान सहित भारी संख्या में रेल यात्री व कर्मचारी मुस्तैदी से उपस्थित रहे।
