आशियाना में ‘बृज की रसोई’ ने कराया निःशुल्क भोजन; पितृपक्ष नवमी पर बाबा नीम करौली की कृपा से मानव सेवा की मिसाल

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : पितृपक्ष की पावन नवमी तिथि पर पितरों की स्मृति एवं उनके आशीर्वाद की कामना के साथ एक अनूठे सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया. प्रेरणास्रोत बाबा नीम करौली जी की असीम कृपा से इण्डियन हेल्पलाइन सोसाइटी (रजि.) द्वारा संचालित प्रतिष्ठित सेवा प्रकल्प ‘बृज की रसोई’ की ओर से आशियाना क्षेत्र में जरूरतमंदों को निःशुल्क पौष्टिक भोजन वितरित किया गया.

कर्मकांड से आगे बढ़कर मानवसेवा को बनाया माध्यम

संस्था के संस्थापक विपिन शर्मा ने बताया कि ‘शहर में कोई भूखा न सोये’ के विधिक संकल्प के साथ यह अभियान निरंतर आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि एक थाली भोजन किसी जरूरतमंद के लिए केवल अन्न नहीं, बल्कि सम्मान और अपनत्व का संदेश है. इस पावन अवसर पर आनंद मिश्रा ने विचार साझा करते हुए कहा कि पितरों की सच्ची स्मृति केवल पारंपरिक कर्मकांड तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंद के जीवन में संवेदना पहुंचाना ही असली श्राद्ध है. वहीं, शैलेश बाजपेई ने बताया कि सभी पदाधिकारियों एवं सेवा सहयोगियों ने पूरी श्रद्धा के साथ जरूरतमंदों को पौष्टिक भोजन परोसकर सेवा और संवेदना का अनूठा उदाहरण पेश किया है.

बच्चों, बुजुर्गों और श्रमिकों ने ग्रहण किया भोजन
सेवा प्रकल्प के वरिष्ठ सहयोगी संजय श्रीवास्तव ने विधिक जानकारी देते हुए बताया कि इस वृहद् आयोजन में स्थानीय बच्चों, बुजुर्गों, दैनिक श्रमिकों एवं कई अत्यंत जरूरतमंद परिवारों सहित बहुत बड़ी संख्या में लोगों ने आत्मीयता के साथ निःशुल्क भोजन ग्रहण किया.

इस मानवीय संवेदना से ओत-प्रोत सेवा अभियान के सफल और सुचारु संचालन में जालिम सिंह, रामकुमार दोहारे, बलवंत सिंह, आशीष श्रीवास्तव, दीपक भुटियानी, विकास पाण्डेय, अनुराग दुबे, मुकेश कनौजिया तथा अखिलेश सिंह सहित सोसाइटी के अनेक समर्पित स्वयंसेवकों ने मुस्तैदी से उपस्थित रहकर अपनी सक्रिय सहभागिता निभाई.

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