
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : इलाहाबाद हाईकोर्ट की डिविजन बेंच द्वारा उत्तर प्रदेश में तीन माह के भीतर पंचायत चुनाव कराने के विधिक आदेश का लोकदल ने पुरज़ोर स्वागत किया है। लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व एमएलसी (MLC) चौधरी सुनील सिंह ने आधिकारिक वक्तव्य जारी करते हुए कहा कि माननीय उच्च न्यायालय के इस कड़े फैसले ने पंचायत चुनावों को लेकर प्रदेश सरकार की टालमटोल की मंशा को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है।
चौधरी सुनील सिंह ने सरकार पर तीखा राजनीतिक प्रहार करते हुए कहा कि जब विधिक समयानुसार पंचायत चुनाव कराने का समय आया, तब प्रशासनिक अमला तरह-तरह के बहाने बनाकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करने में लगा था। उन्होंने रेखांकित किया कि पंचायतें हमारे लोकतंत्र की बुनियादी त्रिस्तरीय प्रशासनिक इकाई हैं और गांव की ग्रामीण जनता को समय पर अपने प्रतिनिधि चुनने का पूर्ण संवैधानिक अधिकार है। लोकदल अध्यक्ष ने पुरज़ोर मांग की है कि राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग बिना किसी विलंभ के हाईकोर्ट के विधिक आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें और तीन महीने के भीतर सूबे में निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र पंचायत चुनाव मुस्तैदी से संपन्न कराएं।

