पमरे में शुद्ध पेयजल की कड़े पहरे में जांच; जबलपुर, भोपाल व कोटा मंडलों में क्लोरीन और बैक्टीरियोलॉजिकल टेस्ट तेज़

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, जबलपुर : रेलवे बोर्ड के कड़े दिशा-निर्देशों के अनुपालन में पश्चिम मध्य रेल (पमरे) प्रशासन द्वारा यात्रियों एवं रेलकर्मियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा हेतु एक व्यापक जल गुणवत्ता निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षित यात्रा वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ज़ोन के तीनों प्रमुख मंडलों— जबलपुर, भोपाल एवं कोटा मंडलों में पेयजल की शुद्धता की नियमित वैज्ञानिक व विधिक जांच मुस्तैदी से की जा रही है।

रेलवे प्रशासन द्वारा स्टेशनों पर स्थापित सभी जल स्रोतों, नलों, वाटर बूथों, मुख्य पाइपलाइनों तथा विशाल पानी की टंकियों की गहन सफाई व विधिक निरीक्षण किया जा रहा है। पानी को पूरी तरह बैक्टीरिया-मुक्त बनाए रखने के लिए अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं के माध्यम से अवशिष्ट क्लोरीन, बैक्टीरियोलॉजिकल तथा रासायनिक विश्लेषण के कड़े परीक्षण नियमित रूप से किए जा रहे हैं।

विभागीय विखंडन के अनुसार, जांच के दौरान यदि किसी भी स्टेशन या रेल कॉलोनी की जल आपूर्ति व्यवस्था में न्यूनतम विधिक गुणवत्ता की कमी या पाइपलाइनों में लीकेज पाया जाता है, तो तकनीकी टीमों द्वारा तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करते हुए पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर को बदला जा रहा है। पानी की टंकियों को दूषित होने से बचाने के लिए उनमें कड़े ढक्कन एवं विशेष जाली की मुस्तैद व्यवस्था की जा रही है ताकि जन-स्वास्थ्य के मानकों से कोई समझौता न हो ।

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