
अनुपूरक न्यूज़ एजेंसी, लखनऊ : उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान, पीड़ितों को न्याय दिलाना और पात्र लाभार्थियों तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च विधिक प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता के साथ सरकार प्रत्येक नागरिक की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ धरातल पर कार्य कर रही है।
7-कालिदास मार्ग पर उमड़ी फरियादियों की भीड़, अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश
अपने कैंप कार्यालय, 7-कालिदास मार्ग, लखनऊ में आयोजित भव्य जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए सैकड़ों नागरिकों की व्यक्तिगत समस्याएं सुनीं। उन्होंने मौके पर मौजूद तथा विभिन्न जिलों के प्रशासनिक कप्तानों से दूरभाष पर सीधे विधिक संवाद स्थापित कर भूमि विवाद, अवैध कब्जे, चिकित्सा सहायता, वृद्ध व विकलांग पेंशन, आवास, सड़क, बिजली और पुलिस प्रताड़ना से जुड़े मामलों का समयबद्ध, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश जारी किए।
कागजी खानापूर्ति नहीं, पीड़ित को मिलनी चाहिए वास्तविक राहत
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कड़े लहजे में कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि पीड़ित व्यक्ति को धरातल पर वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि जनसुनवाई में किसी भी स्तर पर लापरवाही, उदासीनता अथवा अनावश्यक विलंभ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और शिथिलता बरतने वाले दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों की विधिक जवाबदेही तय की जाएगी। भूमि विवाद एवं अवैध कब्जों के मामलों में उन्होंने राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त विधिक टीम के माध्यम से मौके पर जांच कराकर गरीबों व कमजोर वर्गों का उत्पीड़न करने वाले दबंगों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
