
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, नई दिल्ली : रेल मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) पद का अतिरिक्त प्रभार आलोक तिवारी (IRSE) को सौंपा गया है। रेलवे बोर्ड में एडिशनल मेंबर (ब्रिज) के पद पर कार्यरत 1988 बैच के वरिष्ठ आईआरएसई अधिकारी तिवारी ने डीएफसीसीआईएल के कॉरपोरेट ऑफिस में अपना नया कार्यभार संभाल लिया है।

वरिष्ठ निदेशकों ने किया भव्य स्वागत
कार्यभार ग्रहण करने के अवसर पर डीएफसीसीआईएल मुख्यालय में शोभित भटनागर (डायरेक्टर/ओपी एंड बीडी), अनुराग शर्मा (डायरेक्टर/इन्फ्रास्ट्रक्चर), पवन के. राय (डायरेक्टर/प्रोजेक्ट प्लानिंग) तथा बी. मुगुनथन (डायरेक्टर/फाइनेंस) सहित कई अन्य वरिष्ठ रेल अधिकारियों ने नए एमडी का गर्मजोशी से स्वागत किया। भारतीय रेलवे में 36 वर्षों से अधिक का व्यापक प्रशासनिक व तकनीकी अनुभव रखने वाले श्री आलोक तिवारी पूर्व में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर, गुंतकल के डीआरएम (DRM) तथा आरवीएनएल (RVNL) के ग्रुप जनरल मैनेजर जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर मुस्तैदी से कार्य कर चुके हैं।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल टेक्नोलॉजी के उपयोग पर ज़ोर
एमडी का प्रभार संभालते ही आलोक तिवारी ने एक उच्चस्तरीय विधिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने प्रस्तावित ईस्ट–वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (EWDFC) के अलाइनमेंट और विकास की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की। एमडी ने माल ढुलाई संचालन में दक्षता बढ़ाने के लिए डेटा आधारित निर्णयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल टेक्नोलॉजी के अधिकतम उपयोग पर विशेष बल दिया। इसके साथ ही, उन्होंने संगठन में नॉलेज मैनेजमेंट को सुदृढ़ करने के लिए कॉरपोरेट ऑफिस में महत्वपूर्ण विधिक परियोजना डेटा का एक व्यापक डिजिटल रिपॉजिटरी (डेटा बैंक) तैयार करने का कड़ा निर्देश जारी किया, जिससे देशभर में माल परिवहन को तेज़ व सुरक्षित बनाया जा सके।