
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ/वाराणसी: उत्तर प्रदेश सरकार की पारदर्शी एवं त्वरित विकास नीति के तहत राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने वाराणसी के कारखियाव स्थित अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड पैक हाउस का औचक स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पैक हाउस परिसर में उपलब्ध कृषि सुविधाओं, निर्माण कार्यों की तकनीकी स्थिति और संचालन संबंधी व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया।
अनावश्यक देरी पर नाराजगी, तत्काल शुरू करने के आदेश
निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने इंटीग्रेटेड पैक हाउस के संचालन में हो रही देरी पर कड़ा प्रशासनिक रुख अपनाया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़े विधिक निर्देश जारी करते हुए कहा कि इस प्रोजेक्ट को तत्काल पूर्ण विधिक क्षमता के साथ संचालित किया जाए, ताकि सरकार द्वारा स्थापित इस विश्वस्तरीय सुविधा का किसानों व निर्यातकों के हित में त्वरित व प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि संचालन में किसी भी प्रकार की शिथिलता या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
घटिया सेनेटरी वेयर और जलभराव पर मुख्य अभियंता को अल्टीमेटम
निरीक्षण के दौरान पैक हाउस परिसर में स्थापित सेनेटरी वेयर (Sanitary Ware) की विनिर्माण गुणवत्ता अत्यंत घटिया और असंतोषजनक पाई गई। इस पर निदेशक ने कार्यदायी संस्था और विभागीय अभियंताओं को कड़ी फटकार लगाते हुए गुणवत्ता में तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, आंतरिक सड़कों के निरीक्षण में यह गंभीर तकनीकी खामी उजागर हुई कि ढलान सही न होने के कारण वर्षा का पानी सीधे परिसर के भीतर प्रवेश कर रहा था।

निदेशक ने जलभराव की इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए मुख्य अभियंता को सख्त आदेश दिए कि वे स्वयं मौके का तकनीकी परीक्षण करें और इसका स्थायी वैज्ञानिक समाधान निकालें। उन्होंने मुख्य अभियंता को इन सभी कमियों पर की गई विधिक कार्रवाई और सुधारात्मक प्रस्तावों की एक विस्तृत विस्तृत रिपोर्ट 10 दिवस के भीतर अनिवार्य रूप से निदेशालय को प्रस्तुत करने का विधिक अल्टीमेटम दिया है।