
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ/सुल्तानपुर : मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार विरोधी और पारदर्शी नीति के तहत राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने मंडी समिति, सुल्तानपुर का औचक स्थलीय निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान मंडी परिसर में मिलीं गंभीर विधिक व प्रशासनिक खामियों पर कड़ा संज्ञान लेते हुए उन्होंने दोषी अधिकारियों के खिलाफ तत्काल दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं.
अवैध कब्जा न हटने तक प्रभारी सचिव का वेतन रोका
निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने मंडी परिसर में टट्टर आदि के माध्यम से किए गए अवैध कब्जों को बेहद गंभीरता से लिया. उन्होंने जिला प्रशासन और विभागीय टीम को इन अतिक्रमणों को 15 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से हटाने का विधिक अल्टीमेटम दिया है. इसके साथ ही उन्होंने कड़ा वित्तीय रुख अपनाते हुए निर्देश दिया कि जब तक मंडी परिसर से अवैध कब्जे पूर्णतः समाप्त होने का आधिकारिक प्रमाण-पत्र प्रस्तुत नहीं किया जाता, तब तक सुल्तानपुर मंडी के प्रभारी सचिव का मासिक वेतन आहरित (रिलीज़) न किया जाए.

घटिया निर्माण कार्य पर उपनिदेशक को कारण बताओ नोटिस
निरीक्षण के दौरान ई-नाम (e-NAM) कार्यालय के दरवाजे में घटिया गुणवत्ता के विनिर्माण पार्ट्स (कब्जे) पाए जाने पर निदेशक ने संबंधित उपनिदेशक निर्माण को कारण बताओ नोटिस जारी करने का आदेश दिया. इसके अतिरिक्त, मंडी के मुख्य मार्ग पर कराए गए सीसी (CC) सड़क निर्माण कार्य के जॉइंट्स में तकनीकी गुणवत्ता की कमी पाए जाने पर उन्होंने पूरे कार्य की विधिक जांच कराने, तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करने तथा दोषी अभियंताओं व ठेकेदार का उत्तरदायित्व निर्धारित करने के निर्देश दिए.

मंडी गेट पर मुख्य साइन बोर्ड न होने पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने इसे तत्काल प्रमुख स्थान पर लगवाने को कहा. साथ ही, बरसात के दिनों में होने वाले जलभराव की समस्या के स्थायी वैज्ञानिक समाधान तथा मुख्य मार्ग पर जाम की स्थिति से निपटने के लिए व्यापारियों को पीछे की तरफ व्यवस्थित करने के व्यावहारिक निर्देश दिए, ताकि किसानों और वाहनों का आवागमन पूरी तरह सुचारु बना रहे.