कोयले की जगह एलपीजी से इस्त्री करना हुआ आसान; उद्यम व्यापार ने आहान फाउंडेशन संग शुरू किया ‘द इस्त्री प्रोजेक्ट’

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, कोलकाता : सड़क किनारे कपड़े प्रेस (इस्त्री) करने वाले छोटे वेंडर्स के दैनिक श्रम को सुगम बनाने तथा उनके स्वास्थ्य की रक्षा के लिए एक अभिनव पर्यावरण-अनुकूल पहल की शुरुआत की गई है। उद्यम लर्निंग फाउंडेशन के वर्टिकल उद्यम व्यापार ने आहान फाउंडेशन के रणनीतिक सहयोग से पश्चिम बंगाल में ‘द इस्त्री प्रोजेक्ट’ का आधिकारिक आगाज़ किया है। इसके तहत पारंपरिक कोयले वाली भारी व धुआं उगलने वाली इस्त्री के स्थान पर विक्रेताओं को आधुनिक एलपीजी (LPG) आयरन बॉक्स अपनाने के लिए प्रेरित और विधिक रूप से सहायता प्रदान की जा रही है।

कमाई में 27 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी और समय की बचत
इस आधुनिक एलपीजी आयरन बॉक्स की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें तापमान (गर्मी) एक समान बनी रहती है, जिससे बार-बार कोयला जलाने और ईंधन बदलने का झंझट पूरी तरह समाप्त हो जाता है। पिछले सात वर्षों से देश के छह प्रमुख शहरों में संचालित इस कल्याणकारी परियोजना के माध्यम से अब तक 9,000 से अधिक इस्त्री विक्रेताओं को लाभान्वित किया जा चुका है। आंकड़ों के अनुसार, एलपीजी अपनाने से इन छोटे कारोबारियों की औसत मासिक आय में 27 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की गई है तथा उनके दैनिक कार्यसमय में से प्रति दिन दो घंटे तक की भारी बचत हो रही है। सितंबर 2026 तक इस अनूठे प्रोजेक्ट से जुड़े देश भर के वेंडर्स की कुल आय में ₹44.962 करोड़ की बम्पर बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है।

धुएँ से मुक्ति और कार्बन उत्सर्जन में कमी
पारंपरिक कोयले के जलने से निकलने वाले खतरनाक धुएँ से मुक्ति मिलने के कारण इन गरीब स्ट्रीट वेंडर्स का स्वास्थ्य सुदृढ़ हो रहा है। इसके साथ ही, यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण के विधिक मानकों को पूरा करते हुए हर साल 2,979 टन से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) के उत्सर्जन को कम करने में भी सफल रही है। पश्चिम बंगाल में इस मुहिम को व्यापक स्तर पर प्रसारित करने के लिए उद्यम व्यापार द्वारा स्थानीय एलपीजी डीलर्स और डिस्ट्रीब्यूशन पार्टनर्स को भी इस नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है, जिसके लिए आधिकारिक तौर पर संपर्क नंबर 9663727595 जारी किया गया है।

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