
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, भोपाल : विश्व पर्यटन दिवस के पावन अवसर पर पर्यटन को केवल गंतव्य स्थलों तक सीमित देखने के बजाय स्थानीय रोजगार और जमीनी अर्थव्यवस्था पर उसके सकारात्मक प्रभाव को समझना बेहद जरूरी है। मध्य प्रदेश का व्यस्त देवास-भोपाल हाईवे आज इस आर्थिक व सामाजिक जुड़ाव का सबसे जीवंत उदाहरण बनकर उभरा है।
यह हाईवे यात्रियों को पर्यटन स्थलों से जोड़ने के साथ-साथ रास्ते में आने वाले ग्रामीण व अर्ध-शहरी क्षेत्रों के ढाबों, रेस्टोरेंटों, रिसॉर्टों, पेट्रोल पंपों तथा स्थानीय फल व हस्तशिल्प की दुकानों के लिए कमाई का मुख्य जरिया बन गया है। एक पर्यटक जब सुबह घर से निकलता है, तो सफर के दौरान चाय-नाश्ते, ईंधन, रुकने की जगह और स्थानीय खरीदारी पर होने वाला उसका खर्च सीधे तौर पर हाईवे किनारे दुकान चलाने वाले छोटे परिवारों की रोजी-रोटी को सुदृढ़ करता है।
धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों की विविधता वाले मध्य प्रदेश में यह बेहतर सड़क संपर्क न केवल यात्रियों के सफर को सुखद व यादगार बना रहा है, बल्कि समावेशी विकास को गति देते हुए ग्रामीण आजीविका के लिए नए द्वार भी खोल रहा है।
