
अशोक यादव, लखनऊ : डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) चिकित्सालय ने न्यूरो सर्जरी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल के न्यूरो सर्जन डॉ. विनोद कुमार तिवारी ने अत्याधुनिक माइक्रोस्कोपिक ट्रांसनेजल ट्रांसस्फेनॉइडल तकनीक से पिट्यूटरी मैक्रोएडेनोमा ट्यूमर का सफल ऑपरेशन किया। इस जटिल सर्जरी की खासियत यह रही कि मरीज के सिर की हड्डी खोले बिना नाक के रास्ते ट्यूमर निकाला गया। ऑपरेशन के बाद मरीज की प्रभावित आंखों की रोशनी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
जानकारी के अनुसार, देवरिया निवासी मरीज दुबई में कार्यरत है। उसकी पिट्यूटरी ग्रंथि में ट्यूमर काफी बड़ा हो गया था, जिससे ऑप्टिक नसों पर दबाव पड़ने के कारण दृष्टि लगातार कमजोर हो रही थी। समय पर सर्जरी नहीं होने पर स्थिति गंभीर हो सकती थी।
पिट्यूटरी ग्रंथि मस्तिष्क के आधार पर स्थित महत्वपूर्ण अंतःस्रावी ग्रंथि है। इसमें ट्यूमर बढ़ने से आसपास की ऑप्टिक नसें प्रभावित हो सकती हैं और मरीज की दृष्टि कमजोर हो सकती है। ऐसे ट्यूमर की सर्जरी तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण होती है।
डॉ. तिवारी ने नाक के रास्ते स्फेनॉइड साइनस से होते हुए पिट्यूटरी ग्रंथि तक पहुंच बनाई और माइक्रोस्कोप की सहायता से ट्यूमर निकाल दिया। इस प्रक्रिया में सिर की हड्डी खोलने की आवश्यकता नहीं पड़ी।
बताया गया कि निजी कॉरपोरेट अस्पतालों में इस तरह की जटिल सर्जरी पर लगभग 15 से 20 लाख रुपये तक खर्च हो सकता है। ऐसे में सरकारी अस्पताल में विशेषज्ञता के साथ इस ऑपरेशन का सफल होना मरीजों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
चिकित्सालय के निदेशक डॉ. जी.पी. गुप्ता ने कहा कि यह सफलता सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में विशेषज्ञता और तकनीकी दक्षता का उदाहरण है। सर्जरी टीम में एनेस्थेटिस्ट डॉ. एस.के. सिंह भी शामिल रहे।

