
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती एवं राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर ‘सरदार पटेल-राष्ट्रीय एकता के शिल्पकार’ विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी के प्रो. टी.पी. सिंह उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं बाबासाहेब के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। कुलगीत के बाद अतिथियों का स्वागत किया गया।
कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने कहा कि सरदार पटेल ने सदैव पद और प्रतिष्ठा से ऊपर राष्ट्रहित को रखा। उन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता और व्यावहारिक सोच से एकीकृत भारत के निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि शिक्षा का मूल उद्देश्य समाज को जोड़ना और राष्ट्र निर्माण में योगदान देना है। युवाओं को सरदार पटेल के आदर्शों से प्रेरणा लेकर विकसित भारत के संकल्प को साकार करना चाहिए।

मुख्य अतिथि प्रो. टी.पी. सिंह ने सरदार पटेल के त्याग, समर्पण और राष्ट्र के प्रति निष्ठा को याद करते हुए उन्हें राष्ट्रीय एकता का शिल्पकार बताया। उन्होंने कौटिल्य और सरदार पटेल की राजनीतिक एवं रणनीतिक दृष्टि की तुलना करते हुए राष्ट्रहित और सुशासन के महत्व पर प्रकाश डाला।
डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एस. विक्टर बाबू ने कहा कि विभिन्न रियासतों को एकजुट करने में सरदार पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. राजशरण शाही ने युवाओं से एकता और राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ नए भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में ‘यूनिटी रन’ का आयोजन भी किया गया। डॉ. मनोज कुमार डडवाल के मार्गदर्शन में आयोजित दौड़ में शिक्षक, कर्मचारी, सफाईकर्मी और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी को राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सुरक्षा बनाए रखने की शपथ भी दिलाई गई।

कार्यक्रम में आईक्यूएसी निदेशक प्रो. शिल्पी वर्मा, डॉ. रवि शंकर वर्मा सहित विभिन्न विभागों के शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। अंत में डॉ. रवि शंकर वर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
