
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, बहराइच : उत्तर प्रदेश में जारी अत्यधिक अतिवृष्टि और तेज हवाओं के बीच बहराइच का तहसील प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। मुख्यमंत्री और राहत आयुक्त के निर्देशों के क्रम में, उपजिलाधिकारी (एसडीएम) मिहींपुरवा (मोतीपुर) मोनालिसा जौहरी ने रविवार को मूसलाधार बारिश के बीच स्वयं खेतों में उतरकर फसल क्षति का स्थलीय आकलन किया।
एसडीएम मोनालिसा जौहरी ने तहसील मिहींपुरवा के अंतर्गत अत्यधिक प्रभावित और संवेदनशील ग्राम गायघाट, रायबोझा, पुरैना भवानी भक्श, सर्रामुंद्री और कुड़वा का सघन दौरा किया। उन्होंने खेत-खेत जाकर जलभराव और तूफान से गिरी फसलों की वास्तविक स्थिति देखी। इस दौरान एसडीएम ने स्थानीय ग्रामीणों, ग्राम प्रधानों एवं पंचायत सहायकों से सीधा संवाद कर नुकसान की जमीनी जानकारी ली।
मौके पर मौजूद तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और क्षेत्रीय लेखपालों को निर्देशित करते हुए एसडीएम ने कहा कि फसल क्षति के आकलन में किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ प्रत्येक प्रभावित खेत की वास्तविक नुकसान रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को प्रेषित करने के आदेश दिए।
संभावित बाढ़ और जलभराव को देखते हुए उन्होंने पूरी राजस्व टीम को चौबीस घंटे मुस्तैद रहने तथा संवेदनशील स्थानों पर पैनी नजर रखने की हिदायत दी, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति में तत्काल रेस्क्यू और राहत कार्य शुरू किया जा सके। प्रशासनिक मुखिया को खुद घुटने तक पानी और खेतों के बीच खड़ा देख संकट की इस घड़ी में पीड़ित किसानों में भी गहरा संतोष नजर आया।

