
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, मुंबई : हिंदी दिवस के अवसर पर सोनी सब के शो ‘हस्तिनापुर के वीर’ के कलाकारों ने हिंदी भाषा की समृद्धि, खूबसूरती और इसके स्थायी आकर्षण का जश्न मनाया। शो में भीष्म पितामह, गांधारी, कुंती और दुर्योधन जैसे महत्वपूर्ण किरदार निभा रहे कलाकारों ने बताया कि इस ऐतिहासिक कहानी का हिस्सा बनने के दौरान हिंदी के साथ उनका जुड़ाव और भी गहरा हुआ है।
भीष्म पितामह की भूमिका निभा रहे मनीष वाधवा ने कहा कि भारत की भाषाई विविधता गौरव की बात है और अपनी रोजमर्रा की भाषा को समझना बेहद जरूरी है। उनके अनुसार, स्पष्ट उच्चारण और समृद्ध शब्दावली संवादों को प्रभावशाली बनाने के साथ भावनाओं को बेहतर ढंग से व्यक्त करने में मदद करती है। उन्होंने बताया कि भीष्म जैसे गरिमामय किरदार के लिए समृद्ध हिंदी का इस्तेमाल उनके लिए सीखने का खूबसूरत अनुभव रहा है।

दुर्योधन की भूमिका निभा रहे आयुध भानुशाली ने बताया कि छह साल की उम्र से हिंदी टेलीविजन का हिस्सा होने के कारण भाषा उनके अभिनय सफर का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है। शो के लिए हुई वर्कशॉप्स ने उनके उच्चारण और हिंदी की समझ को और बेहतर किया है।
गांधारी का किरदार निभा रहीं विवाना सिंह ने कहा कि हिंदी के शुद्ध रूप में संवाद बोलना उनके लिए शानदार सीख रहा है। नियमित अभ्यास, मार्गदर्शन और उच्चारण संबंधी सहायता ने उन्हें प्रस्तुति बेहतर करने में मदद की है।

वहीं, कुंती की भूमिका निभा रहीं तोरल रसपुत्रा ने बताया कि सेट पर मौजूद हिंदी ट्यूटर संवाद, उच्चारण और कठिन शब्दों के अर्थ समझने में कलाकारों की मदद करते हैं। उन्होंने कहा कि इस अनुभव से सेट के बाहर भी उनके बोलने के तरीके और शब्दों के चयन को लेकर जागरूकता बढ़ी है।
‘हस्तिनापुर के वीर’ सोमवार से शनिवार रात 9 बजे सिर्फ सोनी सब पर प्रसारित होता है।
