
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-विद्यालयी शिक्षा (NCF-SE) 2023 के अनुरूप मध्य स्तर पर व्यावसायिक शिक्षा के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शिक्षकों का पांच दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम रविवार को शुरू हुआ। कार्यक्रम का आयोजन बीबीएयू, पंडित सुंदरलाल शर्मा केंद्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान (PSSCIVE), राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) और शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में PAC 21.14 के अंतर्गत किया जा रहा है। प्रशिक्षण 7 से 11 सितंबर 2026 तक चलेगा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि समग्र शिक्षा के अपर राज्य परियोजना निदेशक विष्णु कांत पांडेय ने व्यावसायिक शिक्षा को मजबूत करने और NCF-SE 2023 के अनुरूप विद्यार्थियों को उपयोगी एवं प्रासंगिक कौशल से सुसज्जित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। विशिष्ट अतिथि एचसीएल फाउंडेशन के उप महाप्रबंधक योगेश कुमार ने कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न हितधारकों के बीच सहयोग को महत्वपूर्ण बताया।
बीबीएयू की इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल के अध्यक्ष प्रो. नवीन कुमार अरोड़ा ने कहा कि व्यावसायिक शिक्षा के सफल क्रियान्वयन के लिए शिक्षकों का प्रभावी क्षमता निर्माण आवश्यक है। PSSCIVE, NCERT के संयुक्त निदेशक प्रो. दीपक पालिवाल ने NEP 2020 और NCF-SE 2023 की परिकल्पना को अनुभवात्मक अधिगम में बदलने में शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित किया।

कार्यक्रम समन्वयक प्रो. शैलजा दीक्षित ने बताया कि प्रशिक्षण में व्यावहारिक एवं अनुभवात्मक अधिगम पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कौशल आधारित बैगलेस दिवस, कौशल बोध और My Career Advisor App के माध्यम से शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने तथा विद्यार्थियों को व्यावहारिक कौशल और बेहतर करियर विकल्पों के चयन के लिए तैयार करने पर जोर रहेगा।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों से करीब 100 शिक्षक एवं कौशल प्रशिक्षक प्रतिभाग कर रहे हैं। उद्घाटन सत्र का समापन डॉ. अर्पित शैलेश के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

