
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, चित्रकूट : चित्रकूट में आई बाढ़ के बीच दीनदयाल शोध संस्थान लगातार राहत एवं बचाव कार्यों में जुटा हुआ है। डीआरआई द्वारा बाढ़ राहत कार्य संगठन सचिव अभय महाजन के नेतृत्व में लगातार जारी है। गुरुवार को भी प्रातः से ही संस्थान के चिकित्सा दल, कृषि एवं पशु स्वास्थ्य चिकित्सा दल तथा बाढ़ सहायता दल क्षेत्र में पहुँच गए। संस्थान के उपाध्यक्ष उत्तम बनर्जी भी राहत सामग्री के वितरण और कार्यों का समन्वय की दृष्टि से कार्यकर्ताओं के साथ रहे। सह संगठन सचिव अनिल अग्रवाल समेत पूरी टीम लगातार बस्तियों और प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों से सीधे संवाद कर रहे हैं।
चित्रकूट के 9 अलग-अलग वार्डों में बाढ़ राहत-चिकित्सा शिविर आरोग्यधाम द्वारा लगाए जा रहे हैं। यह शिविर चिकित्सकों द्वारा प्रातः 7:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक सुचारू संचालित किये जा रहे हैं। जिसमें चिकित्सा सेवा, निशुल्क दवाइयों का वितरण, स्वास्थ्य जांच, विशेषज्ञ परामर्श एवं आपातकालीन सेवा को शामिल किया गया है।
आरोग्यधाम के चिकित्सकों द्वारा अभी तक बाढ़ से प्रभावित करीब 1479 लोगों को चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई। चिकित्सकीय टीम ने अलग-अलग वार्डों में राहत शिविर लगाकर सभी प्रभावित लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया तथा आवश्यक औषधियों एवं दवाओं का निःशुल्क वितरण किया। इन कैंपों में आरोग्यधाम के चिकित्सक डॉ भारती श्रीवास्तव, डॉ वरुण गुप्ता, डॉ नरेन्द्र द्विवेदी, डॉ राजीव शुक्ला, डॉ मनोरंजन सिंह, डॉ शुभम सिंह, डॉ रिषिराज, डॉ रुपाली श्रीवास्तव, डॉ अर्चना दास, डॉ मानस, डॉ विनोद, डॉ बलवंत पटेल आदि अपनी सहयोगी टीम के साथ निरंतर बरसते पानी और बाढ़ के बीच अपनी सेवाएं देने में लगे हुए हैं।

जरूरत को देखते हुए चटाई, तिरपाल, जूते-चप्पल, साड़ियां, अंडर गारमेंट्स और कपड़े भी मंगाए गए हैं, ताकि घर और सामान गंवा चुके परिवारों को तत्काल राहत मिल सके। दीनदयाल शोध संस्थान की ओर से बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए खाद्य सामग्री, राशन और आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।

