
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, चित्रकूट : चित्रकूट क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो आलोक चौबे के निर्देश पर संचालित बाढ़ राहत सहायता अभियान के अंतर्गत बुधवार को राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के स्वयंसेवक विद्यार्थियों एवं विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने सेवा कार्य किया।
कुलगुरु प्रो. आलोक चौबे के निर्देश पर NSS कार्यक्रम अधिकारी डॉ. उमेश कुमार शुक्ला के नेतृत्व में सेवा दल ने टाठी घाट क्षेत्र में पहुंचकर स्वच्छता हेतु श्रमदान करने के साथ प्रभावित लोगों के लिए भोजन, दवाएं एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया।
विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं विद्यार्थी अपने सिर पर खाद्य सामग्री लेकर बाढ़ के बाद मिट्टी और पानी से भरे दुर्गम कच्चे रास्तों एवं पगडंडियों से होते हुए टाठी घाट क्षेत्र पहुंचे। रास्ते में बाढ़ के कारण टूटे पेड़, उनकी गिरी डालियां तथा कीचड़ से उत्पन्न कठिनाइयों के बावजूद सेवा दल के सदस्यों में उत्साह बना रहा। उन्होंने स्थानीय जरूरतमंदों तक राहत सामग्री पहुंचाकर सेवा कार्य में सहभागिता की।

संत-महात्माओं के दर्शन और आध्यात्मिक संदेश बना सेवा यात्रा का विशेष अनुभव
सेवा यात्रा के दौरान संत-महात्माओं के दर्शन एवं उनके आध्यात्मिक संदेश सेवा दल के लिए विशेष प्रेरणादायी रहे। NSS स्वयंसेवक विद्यार्थियों ने इस यात्रा को अपने जीवन का सुखद एवं यादगार अनुभव बताया। कुलसचिव प्रो. आञ्जनेय पांडेय भी सेवा दल के साथ नंगे पैर दुर्गम मार्ग से टाठी घाट पहुंचे और संत-महात्माओं से संवाद किया।
संतों ने बताया कि टाठी घाट क्षेत्र में साधनारत संत-महात्मा फलाहारी एवं स्वपाकी प्रकृति के हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे साधना क्षेत्रों में तैयार भोजन के स्थान पर फल, आटा, कच्ची सब्जियां एवं दूध जैसी सामग्री उपलब्ध कराना अधिक उपयोगी रहेगा।

सेवा कार्य में विश्वविद्यालय परिवार की सहभागिता
सेवा दल में NSS स्वयंसेवक विद्यार्थी सोनाली कुमारी, शिवानी बागरी, दुर्गेश मिश्रा एवं रविशंकर रैकवार सहित कुलसचिव प्रो. आञ्जनेय पांडेय, NSS कार्यक्रम अधिकारी डॉ. उमेश कुमार शुक्ला, प्रो. साधना चौरसिया, डॉ. जय प्रकाश शुक्ल, महेश कुमार, काशी तिवारी, संतोष राजपूत, विद्यानन्द चतुर्वेदी, डॉ. जय प्रकाश तिवारी, राजेंद्र तिवारी, फूल सिंह, राम जियावन सहित विश्वविद्यालय परिवार के अन्य सदस्य शामिल रहे।
ग्रामोदय विश्वविद्यालय द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संचालित यह सेवा अभियान आपदा की घड़ी में सामुदायिक सहभागिता, सामाजिक उत्तरदायित्व और सेवा भावना को सशक्त करने की दिशा में निरंतर जारी है।