
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : राष्ट्रीय लोक अदालत एवं राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान 3.0 के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए सोमवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ की ओर से पीआरवी वाहन रवाना किया गया। जनपद न्यायालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मलखान सिंह ने हरी झंडी दिखाकर वाहन को रवाना किया।
12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली, सर्वोच्च न्यायालय की मीडियेशन एवं कंसीलियेशन प्रोजेक्ट कमेटी तथा उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर 12 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित होगी। इसका आयोजन जनपद न्यायालय लखनऊ के साथ पारिवारिक न्यायालय, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, उपभोक्ता आयोग, स्थायी लोक अदालत, श्रम एवं वाणिज्यिक न्यायालय सहित कलेक्ट्रेट और जनपद की सभी तहसीलों में किया जाएगा।

गांव-गांव पहुंचेगा जागरूकता वाहन
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कुँवर मित्रेश सिंह कुशवाहा ने बताया कि पीआरवी वाहन लखनऊ की विभिन्न तहसीलों, ब्लॉकों और दूर-दराज के क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को लोक अदालत एवं मध्यस्थता के लाभों की जानकारी देगा। लोक अदालत में लंबित मामलों का आपसी सहमति और सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण कराया जा सकता है।

मध्यस्थता से शीघ्र समाधान
राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान 3.0 का संचालन 1 अगस्त से 30 दिसंबर 2026 तक किया जा रहा है। इसका उद्देश्य पक्षकारों के बीच संवाद और समझौते के माध्यम से विवादों का शीघ्र एवं स्थायी समाधान कराना है। इससे समय और धन दोनों की बचत होती है।
कार्यक्रम में अपर जिला जज अभिनय कुमार मिश्रा, पुलिस उपायुक्त एवं नोडल अधिकारी किरन यादव सहित न्यायिक अधिकारी, कर्मचारी, पराविधिक स्वयंसेवक, पैनल अधिवक्ता और डिफेन्स काउन्सिल के अधिवक्ता मौजूद रहे। जनपद न्यायाधीश ने नागरिकों, अधिवक्ताओं और समाजसेवियों से 12 सितंबर की लोक अदालत का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।