डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से बदल रहा देश का माल परिवहन परिदृश्य

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, नई दिल्ली / जबलपुर / जयपुर : डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) भारतीय रेल के माल परिवहन क्षेत्र में बड़े बदलाव की अहम कड़ी बनकर उभर रहा है। मालगाड़ियों के लिए विकसित इस समर्पित रेल नेटवर्क से माल परिवहन को तेज, सुरक्षित और अधिक कुशल बनाने के साथ मौजूदा रेल मार्गों पर यात्री ट्रेनों के लिए भी अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध हो रही है। इससे यात्री ट्रेनों के समयपालन में सुधार के साथ औद्योगिक एवं आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिल रही है।

डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के माध्यम से लंबी दूरी तक माल की तेज आवाजाही संभव हुई है। इससे परिवहन समय और लॉजिस्टिक्स लागत कम करने तथा ग्राहकों को समयबद्ध डिलीवरी उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है। इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन पर मालगाड़ियों के संचालन से ईंधन की बचत और कार्बन उत्सर्जन में कमी के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है। गति शक्ति कार्गो टर्मिनल, लॉजिस्टिक्स पार्क और मल्टीमॉडल परिवहन सुविधाओं के विकास से उद्योग, व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।

राजस्थान के लिए वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर विशेष महत्व रखता है। रेवाड़ी से पालनपुर के बीच राजस्थान से होकर गुजरने वाला करीब 567 किलोमीटर लंबा खंड देश के किसी भी राज्य से गुजरने वाला फ्रेट कॉरिडोर का सबसे लंबा खंड है। इससे जयपुर, अजमेर, पाली और जोधपुर सहित राज्य के विनिर्माण, कपड़ा, सिरेमिक, मार्बल और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों को तेज, विश्वसनीय और उच्च क्षमता वाली माल परिवहन सुविधा मिल रही है।

देश में 1,337 किलोमीटर लंबा ईस्टर्न डीएफसी न्यू सहनेवाल से न्यू सोननगर तथा 1,506 किलोमीटर लंबा वेस्टर्न डीएफसी न्यू दादरी से न्यू जेएनपीटी तक सेवाएं प्रदान कर रहा है। इससे प्रमुख औद्योगिक केंद्रों और समुद्री बंदरगाहों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत हुई है।

वहीं, बजट 2026-27 में पश्चिम बंगाल के डानकुनि से गुजरात के सूरत तक 2,052 किलोमीटर लंबे नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की घोषणा की गई है। इसके विस्तार से देश की मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स व्यवस्था और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है।

इस प्रकार, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर देश में माल परिवहन को नई दिशा देने के साथ राजस्थान समेत पूरे देश के औद्योगिक विकास, निर्यात, रोजगार और निवेश के लिए महत्वपूर्ण आधारभूत ढांचा साबित हो रहा है।

: राजस्थान से गुजर रहा देश का सबसे लंबा 567 किलोमीटर का फ्रेट कॉरिडोर खंड :

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