पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की अधिकांश योजनाएं ‘फ्लैगशिप स्कीम’ से संचालित

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : उ0प्र0 सरकार के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री नरेन्द्र कश्यप (स्वतंत्र प्रभार) की अध्यक्षता में मंगलवार विधान सभा स्थित कार्यालय में विभागीय योजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पिछड़े वर्गों के कल्याण तथा दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण हेतु निरंतर प्रयासरत् और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने हेतु कृतसंकल्पित है। नरेन्द्र ने विभागीय योजनाओं को पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से लागू करने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।

मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने योजनाओं के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने, योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं नई योजनाओं एवं कार्यक्रमों के संचालन पर भी व्यापक निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जनहितकारी कार्यक्रमों को और अधिक तीव्र गति से संचालित करें। उन्होंने बताया कि पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की अधिकतर योजनाएं ‘फ्लैगशिप स्कीम’ के अन्तर्गत संचालित हैं। अतः इसमें किसी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता स्वीकार नहीं की जायेगी।

समीक्षा बैठक में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग से संबंधित समीक्षा बिंदुओं में विगत बैठकों में लिए गए निर्णयों के अनुपालन की स्थिति, दिव्यांगजनों हेतु संचालित योजनाओं के प्रचार-प्रसार की प्रगति, वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट एवं कार्ययोजना की अद्यतन स्थिति, विभागीय निर्माण कार्यों की प्रगति तथा विभागीय विद्यालयों में भर्ती एवं संविदा भर्ती की स्थिति की समीक्षा की गयी। इसके अतिरिक्त पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग में प्राप्त प्रकरणों के निस्तारण एवं लंबित मामलों की समीक्षा भी बैठक में की गयी। इसी प्रकार पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान ट्रिपल सी एवं ओ-लेवल कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रमों की प्रगति, प्रशिक्षार्थियों के बैंक खातों में शुल्क प्रतिपूर्ति की व्यवस्था, शादी अनुदान योजना के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों एवं भुगतान की जनपदवार स्थिति तथा छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति आदि योजनाओं की अद्यतन स्थिति से मा0 मंत्री जी को अवगत कराया गया।

बैठक में डॉ० शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ एवं जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय, चित्रकूट से संबंधित विषयों पर भी चर्चा हुई। कश्यप ने दोनों विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों से कहा कि दिव्यांग छात्र/छात्राओं को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया जाए एवं पुनर्वास से सम्बन्धित सेवाओं का उचित लाभ उपलब्ध कराया जाए।

बैठक में पिछड़ा वर्ग कल्याण के प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिंह ने मंत्री को विभाग की अद्यतन प्रगति से अवगत कराया और उनसे प्राप्त दिशा-निर्देशों को अक्षरण अनुपालन सुनिश्चित किए जाने हेतु आश्वस्त किया।

समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिंह, पिछड़ा वर्ग कल्याण, निदेशक उमेश प्रताप सिंह, पिछड़ा वर्ग कल्याण, संयुक्त निदेशक विकास शर्मा, पिछड़ा वर्ग कल्याण, दिव्यांगजन सशक्तिकरण निदेशालय के संयुक्त निदेशक अमित सिंह के अतिरिक्त डॉ० शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ एवं जगद्गुरू रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय, चित्रकूट के कुलसचिव भी उपस्थित रहें।

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