
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, जोधपुर : जोधपुर स्टेशन पर मरुधर एक्सप्रेस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से फर्जी टिकट बनाकर यात्रा कर रहे दो यात्री टीटीई की सतर्कता से पकड़े गए।
सोमवार 20.04.2026 को ट्रेन संख्या 14863 वाराणसी सिटी-जोधपुर मरुधर एक्सप्रेस के जोधपुर पहुंचने पर प्लेटफॉर्म पर सघन टिकट जांच की जा रही थी। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात सीटीटीसी अनिकेत रामदेव को दो यात्रियों के मोबाइल टिकट पर संदेह हुआ।

पहली नजर में टिकट सामान्य दिख रहा था, लेकिन शक होने पर जब हैंड हेल्ड टर्मिनल मशीन में यूटीएस नंबर डाला गया तो पूरा मामला खुल गया। जांच में सामने आया कि जो टिकट जोधपुर तक का दिखाया जा रहा था,वह असल में 22 मार्च को कर्नाटक के कुनिगल से चन्नारायपटना के बीच एक यात्री के लिए मात्र 45 रुपए में जारी हुआ था और उस पर यात्रा भी की जा चुकी थी।

इसके बाद उसी यूटीएस नंबर (XT6PEBG006) को AI टूल्स की मदद से एडिट कर अलग-अलग तारीख और रूट के फर्जी टिकट तैयार किए गए। इनमें जयपुर-आगरा (1 मार्च), आसरवा-उदयपुर (28 मार्च) और आगरा फोर्ट-जोधपुर (20 अप्रैल) की यात्राएं शामिल हैं। प्रत्येक रेलवे टिकट का नंबर अलग होता है, लेकिन यहां एक ही नंबर बार-बार इस्तेमाल हुआ। यही गड़बड़ी पकड़ में आने का सबसे बड़ा कारण बनी।
फर्जीवाड़ा सामने आते ही दोनों यात्रियों को बिना टिकट चार्ज करने के बाद वाणिज्य निरीक्षक रतनसिंह गुर्जर की रिपोर्ट के साथ जीआरपी के हवाले कर दिया गया। दोनों की उम्र करीब 25 वर्ष बताई जा रही है और वे कर्नाटक के निवासी हैं।
यह मामला केवल टिकट फर्जीवाड़ा नहीं, बल्कि तकनीक के खतरनाक दुरुपयोग का संकेत भी है। रेलवे द्वारा ऐसे मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जुर्माना और जेल दोनों का प्रावधान है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को चेतावनी दी है कि AI या किसी भी डिजिटल माध्यम से टिकट में छेड़छाड़ करना दंडनीय अपराध है, और ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यात्रियों से अपील है कि वे वैध टिकट के साथ ही यात्रा करें और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बचें।