
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, वाराणसी : पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल द्वारा रेल यात्रियों एवं कर्मचारियों को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने के लिए एक व्यापक सघन जांच अभियान चलाया गया . रेल प्रशासन ने स्टेशनों और रेलवे कॉलोनियों में पानी की टंकियों, वाटर कूलर, नलों तथा पाइपलाइनों की नियमित जांच व रखरखाव को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है.

एक विशेष समय अवधि (01 जुलाई से 15 सितंबर 2026) के दौरान मंडल में पेयजल की शुद्धता को परखने के लिए कुल 6,717 अवशिष्ट क्लोरीन (Residual Chlorine) परीक्षण किए गए, जिनमें सभी नमूने निर्धारित मानकों के बिल्कुल अनुरूप पाए गए. इसके अतिरिक्त, पानी में किसी भी प्रकार के जीवाणु संक्रमण की जांच के लिए 545 बैक्टीरियोलॉजिकल जल नमूने भी प्रयोगशाला भेजे गए, जो जांच में 100 प्रतिशत सुरक्षित और खरे उतरे.

यह नियमित ऑडिट मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षकों (CHI) तथा सीनियर सेक्शन इंजीनियर (SSE) की संयुक्त टीमों द्वारा किया जा रहा है. सुरक्षित जलापूर्ति के लिए चिकित्सा एवं इंजीनियरिंग विभाग द्वारा निर्धारित समय-सारणी के अनुसार वाटर कूलर, कूलिंग यूनिट और संबंधित उपकरणों की सर्विसिंग व फिल्टर बदलने का कार्य समय पर किया जा रहा है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित यात्रा अनुभव दिया जा सके.