
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, जबलपुर : यात्रियों एवं रेलकर्मियों को स्वच्छ, सुरक्षित तथा गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पश्चिम मध्य रेल द्वारा जांच एवं निगरानी व्यवस्था को निरंतर सुदृढ़ किया जा रहा है। रेलवे बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुरूप चिकित्सा विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर पानी के नमूनों का भौतिक, रासायनिक और बैक्टीरियोलॉजिकल परीक्षण किया जा रहा है।
हाल ही में चिकित्सा विभाग की टीमों द्वारा कुल 1,632 पेयजल नमूनों की सघन जांच की गई । इनमें 1,503 अवशिष्ट क्लोरीन (Residual Chlorine), 126 बैक्टीरियोलॉजिकल टेस्टिंग तथा 3 केमिकल एनालिसिस के नमूने शामिल रहे । जांच के दौरान पानी की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पाई गई।
पेयजल व्यवस्था को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए पश्चिम मध्य रेल मुख्यालय ने भोपाल, जबलपुर एवं कोटा मंडलों में कई प्रमुख कदम उठाए हैं । इसके तहत स्टेशनों की जल पाइपिंग प्रणाली में लीकेज की नियमित मरम्मत की जा रही है, पानी की टंकियों व वाटर कूलरों की समयबद्ध सफाई हो रही है तथा बाहरी प्रदूषण से बचाने के लिए टंकियों को मजबूत ढक्कनों व जाली से ढका जा रहा है। गुणवत्ता में मामूली कमी मिलने पर भी इंजीनियरिंग विभाग के सहयोग से तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है ।
