बुजुर्गों की देखभाल के लिए आईएसबी और मैक्स इंडिया फाउंडेशन की बड़ी पहल; शुरू किया ‘स्केल’ प्रोजेक्ट

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, मोहाली : भारत में बुजुर्गों की तेजी से बढ़ती आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, सामाजिक सुरक्षा और दैनिक जीवन में उच्च स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक ऐतिहासिक अकादमिक व औद्योगिक गठबंधन हुआ है। इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आईएसबी) के मैक्स इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थकेयर मैनेजमेंट (एमआईएचएम) और मैक्स इंडिया फाउंडेशन (एमआईएफ) ने संयुक्त रूप से ‘स्केल’ (SCALE – सीनियर केयर एडवांसमेंट थ्रू लर्निंग एंड एविडेंस) पहल की शुरुआत की है। इस दूरदर्शी परियोजना का मुख्य उद्देश्य बुजुर्गों की बदलती सामाजिक-आर्थिक जरूरतों को समझकर देश में एक मजबूत सीनियर केयर इकोसिस्टम विकसित करना है।

रिसर्च, टेक्नोलॉजी और केयर मॉडल पर रहेगा मुख्य फोकस
मैक्स इंडिया फाउंडेशन की बहु-वर्षीय कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) वित्तीय ग्रांट से समर्थित यह अनूठी पहल वैज्ञानिक अनुसंधान और औद्योगिक अनुभव को एक साझा मंच पर लाएगी। इसके अंतर्गत बुजुर्गों के व्यवहार (कंज्यूमर बिहेवियर), कार्यबल में उनकी भागीदारी, सामाजिक समावेशन (Social Inclusion), अत्याधुनिक केयर मॉडल, फाइनेंसिंग और केयर सेक्टर में आवश्यक टेक्नोलॉजी के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन रिसर्च की जाएगी। इस महापरियोजना में देश की अग्रणी संस्था ‘अंतरा सीनियर केयर’ को आधिकारिक तौर पर ‘फाउंडिंग इंडस्ट्री पार्टनर’ के रूप में शामिल किया गया है, जो सीनियर लिविंग, केयर होम्स, वेलनेस और क्रॉनिक डिसीज मैनेजमेंट के अपने दीर्घकालिक अनुभवों का साझाकरण करेगी।

नीति निर्माताओं और उद्योगपतियों को मिलेगा डेटा का आधार
आईएसबी के हैदराबाद परिसर में आयोजित एक उच्चस्तरीय स्टेकहोल्डर राउंडटेबल बैठक के साथ इस मुहिम को धरातल पर उतारा गया, जिसमें कई विख्यात रिसर्चर्स और क्लिनिशियंस ने भाग लिया। इस अवसर पर मैक्स इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थकेयर मैनेजमेंट (ISB) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर प्रोफेसर सारंग देव ने कहा कि ‘स्केल’ पहल एक ऐसा प्रामाणिक एविडेंस (साक्ष्य) बेस तैयार करेगी, जिससे प्राइवेट सेक्टर और सरकार की पब्लिक पॉलिसी दोनों को बुजुर्गों के हित में सटीक व दीर्घकालिक फैसले लेने में मदद मिलेगी। वहीं, मैक्स इंडिया फाउंडेशन की मैनेजिंग ट्रस्टी तारा सिंह वचानी ने विश्वास जताया कि अलग-अलग हितधारकों की राय को साथ लाकर वे भारतीय वरिष्ठ नागरिकों और उनके परिवारों के लिए एक सुदृढ़ सपोर्ट सिस्टम व किफायती केयर मॉडल तैयार करने में सफल होंगे।

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