
अशोक यादव, लखनऊ: उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने बुधवार को ‘संभव’ (शिकायत निस्तारण पोर्टल) के माध्यम से प्रदेश भर की जनशिकायतों की व्यापक सुनवाई की। मंत्री के कड़े रुख के बीच जनसुनवाई के दौरान डीजी विजिलेंस रामकृष्ण स्वर्णकार, प्रमुख सचिव ऊर्जा रणवीर प्रसाद, प्रमुख सचिव नगर विकास पी. गुरु प्रसाद, सचिव अनुज कुमार झा, विशेष सचिव प्रवीण लक्ष्यकार, महेंद्र बहादुर सिंह, एमडी मयूर माहेश्वरी और नीतीश कुमार भौतिक रूप से उपस्थित रहे।
लापरवाही पर एमडी और अधिकारियों को जांच के निर्देश
सुनवाई के दौरान गाजीपुर के राम प्रताप सिंह ने एस्टीमेट का भुगतान करने के बाद भी बिजली कार्य शुरू न होने की शिकायत की। इस पर मंत्री ने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी को तुरंत जांच के आदेश दिए। गोंडा के सुखदेव सिंह द्वारा संविदा कर्मियों को अकारण हटाए जाने की शिकायत पर भी मंत्री ने एमडी को नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं, फिरोजाबाद में मृतक निविदा कर्मी के परिवार को क्षतिपूर्ति का भुगतान मिलने पर परिजनों ने मंत्री का आभार जताया।

निचले स्तर पर रिकॉर्ड अपडेट न होने पर नाराजगी
नगर विकास की शिकायतों में शाहजहांपुर के अंकित भारतीय द्वारा टैक्स जमा करने के बाद भी रिकॉर्ड अपडेट न होने पर मंत्री ने अधिकारियों के प्रति तीव्र नाराजगी जताई। उन्होंने दोटूक पूछा कि ऐसे मामले निचले स्तर पर क्यों नहीं सुलझाए जाते? गोरखपुर में सोलर लाइट न लगने तथा लखनऊ के कपिल देव त्रिपाठी एवं ओम प्रकाश गुप्ता द्वारा सीवर, गंदे पानी व अतिक्रमण की उठाई गई समस्याओं पर नगर निगम को समयबद्ध निस्तारण के कड़े निर्देश दिए गए।

ईमानदार उपभोक्ताओं को न किया जाए परेशान
मंत्री शर्मा ने विद्युत लोड बढ़ने वाले क्षेत्रों में तत्काल ट्रांसफार्मर अपग्रेड करने और निर्बाध बिजली देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिजली चोरों पर कार्रवाई हो, लेकिन ईमानदारी से बिल भरने वाले उपभोक्ताओं को परेशान न किया जाए। बजट की कोई कमी नहीं है, इसलिए अधिकारी कागजी कार्रवाई के बजाय वास्तविक राहत दें। राजनीतिक प्रभाव में आकर जनता को परेशान करने वाले जनपदीय अधिकारियों को उन्होंने सुधरने की अंतिम चेतावनी दी।