
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, किशनगढ़ बालावास / नॉएडा : डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (DFCCIL) ने 13 सितंबर 2026 को भारतीय रेलवे के साथ ट्रेनों के इंटरचेंज का अब तक का सर्वाधिक रिकॉर्ड दर्ज किया। इस दिन DFC नेटवर्क पर भारतीय रेलवे के साथ 927 मालगाड़ियों और तीन लाइट इंजनों का इंटरचेंज हुआ। इससे पहले 11 सितंबर को 908 ट्रेनों और नौ लाइट इंजनों का इंटरचेंज दर्ज किया गया था। इस तरह नए रिकॉर्ड में 19 ट्रेनों की वृद्धि हुई है।
इंटरचेंज का अर्थ भारतीय रेलवे और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के बीच मालगाड़ियों का सुचारू आदान-प्रदान है। इससे मालगाड़ियां बिना अनावश्यक विलंब के एक नेटवर्क से दूसरे नेटवर्क पर अपनी यात्रा जारी रखती हैं। यह उपलब्धि दोनों रेल नेटवर्क के बीच बेहतर परिचालन समन्वय, प्रभावी नियंत्रण व्यवस्था और वास्तविक समय में बेहतर तालमेल को दर्शाती है।
इसी क्रम में DFCCIL ने 13 सितंबर को उत्तर पश्चिम रेलवे के साथ किशनगढ़ बालावास इंटरचेंज प्वाइंट पर एक दिन में 59 ट्रेनों के इंटरचेंज का नया रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले इसी प्वाइंट पर सर्वाधिक 55 ट्रेनों का इंटरचेंज हुआ था। वहीं, उत्तर पश्चिम रेलवे के संपूर्ण क्षेत्राधिकार वाले नेटवर्क के साथ 11 सितंबर को 146 ट्रेनों का रिकॉर्ड इंटरचेंज दर्ज किया गया।
DFCCIL की यह उपलब्धि माल परिवहन को तेज, सुगम और अधिक विश्वसनीय बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। समर्पित बुनियादी ढांचे, अधिक गति, अधिक एक्सल-लोड क्षमता और पूर्ण विद्युतीकरण से युक्त DFC बड़े पैमाने पर माल ढुलाई को सक्षम बना रहा है। इससे भारतीय रेलवे के पारंपरिक नेटवर्क पर दबाव कम होने के साथ यात्री सेवाओं और अतिरिक्त मालगाड़ियों के लिए क्षमता उपलब्ध हो रही है।
रिकॉर्ड इंटरचेंज DFC की बढ़ती परिचालन क्षमता और भारतीय रेलवे के साथ मजबूत होते समन्वय को रेखांकित करता है। यह भारत में तेज, कुशल और सतत माल परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।