
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : उत्तर प्रदेश की 68,500 सहायक अध्यापक भर्ती-2018 में आरक्षण विसंगति के स्थाई विधिक समाधान और राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश के अनुपालन की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन और उग्र हो गया है। अपनी विधिक नियुक्तियों की मांग को लेकर पिछले 40 दिनों से लखनऊ के ईको गार्डन में अनवरत धरने पर बैठे अभ्यर्थियों ने ‘दस्तक दो अभियान’ के तहत सुबह 11 बजे कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद के सरकारी आवास का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया।
परिणाम संशोधित कर पात्रों को नियुक्ति देने की विधिक मांग
आंदोलन का मुख्य नेतृत्व कर रहे अभ्यर्थी तूफान सिंह तथा सहयोगी नेतृत्वकर्ता आशुतोष वर्मा ने बताया कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा जारी विधिक आदेश के बावजूद अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के अभ्यर्थियों को आरक्षित श्रेणी का लाभ नहीं दिया जा रहा है। अभ्यर्थियों की मांग है कि आयोग के आदेशानुसार भर्ती परिणाम को तत्काल संशोधित कर सभी पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाए तथा इस गंभीर विसंगति के लिए जिम्मेदार दोषी प्रशासनिक अधिकारियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाए।

मंत्री ने पिलाई कोल्ड ड्रिंक, पुलिस ने वापस ईको गार्डन भेजा
प्रदर्शन के दौरान कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने स्वयं आंदोलनकारियों के बीच पहुंचकर उनकी पीड़ा को संवेदनशीलता से सुना। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि “आरक्षण किसी की भीख नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकार है।” उन्होंने आश्वासन दिया कि वे इस संवेदनशील प्रकरण पर माननीय मुख्यमंत्री जी से सीधे वार्ता करेंगे तथा अभ्यर्थियों, विभागीय मंत्री व प्रमुख सचिव की एक उच्चस्तरीय संयुक्त विधिक बैठक कराकर मामले का त्वरित निस्तारण कराएंगे।
सकारात्मक वार्ता के बाद मंत्री ने प्रदर्शनकारी युवाओं को आत्मीयता से कोल्ड ड्रिंक पिलाई, जिसके बाद पुलिस प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए सभी को बसों में बैठाकर वापस ईको गार्डन धरना स्थल भेज दिया। धरना प्रभारी नवीन चौधरी ने स्पष्ट किया कि जब तक ठोस शासकीय आदेश जारी नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। इस विधिक अधिकार प्रदर्शन में अखिल कुमार, रंजना जायसवाल, राकेश साहनी, मनीष पटवा, सच्चिदानंद तथा आरती वर्मा सहित भारी संख्या में पीड़ित अभ्यर्थी मुस्तैद रहे।