उत्तर रेलवे के फिरोजपुर और अंबाला मंडलों में सुरक्षा शिविर आयोजित; 254 रेलकर्मियों को मिला तकनीकी प्रशिक्षण

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, नई दिल्ली : भारतीय रेलवे में सुरक्षित ट्रेन परिचालन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उत्तर रेलवे द्वारा बुनियादी ढांचे के उन्नयन कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के लिए विशेष सुरक्षा एवं गुणवत्ता सुधार शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य 2×25 केवी हाई-वोल्टेज अपग्रेडेशन कार्यों के निष्पादन के दौरान सुरक्षित कार्य पद्धतियों को बढ़ावा देना और विभिन्न तकनीकी विभागों के रेलकर्मियों के बीच आपसी समन्वय को सुदृढ़ करना था।

फिरोजपुर मंडल के जालंधर में 123 रेलकर्मियों ने लिया हिस्सा
फिरोजपुर मंडल के अंतर्गत इस विशेष तकनीकी शिविर का आयोजन जालंधर में किया गया। इस शिविर में रेलवे कर्मचारियों, प्रोजेक्ट यूनिट के अधिकारियों व स्टाफ तथा ट्रैक्शन डिस्ट्रीब्यूशन (TRD) विभाग के कुल 123 कर्मियों ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला के दौरान फाउंडेशन कास्टिंग (बुनियाद की ढलाई) के समय बरती जाने वाली विधिक सुरक्षा सावधानियों और गुणवत्ता जांचों पर विशेषज्ञों द्वारा व्यावहारिक प्रदर्शन (प्रैक्टिकल डिमॉन्स्ट्रेशन) दिए गए।

अंबाला मंडल में ओएचई (OHE) और पावर सप्लाई पर केंद्रित रहा शिविर

इसी कड़ी में, अंबाला मंडल के दिल्ली जंक्शन-अंबाला कैंट और सानेहवाल-सहारनपुर रेलखंडों पर ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) तथा पावर सप्लाई इंस्टालेशन के सुदृढ़ीकरण पर केंद्रित शिविर आयोजित हुआ। इसमें 119 रेलकर्मियों और 12 अधिकारियों सहित कुल 131 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

दोनों मंडलों के शिविरों में रेलवे पटरियों के अत्यंत निकट क्रेन, जेसीबी (JCB) और एक्सीवेटर जैसी भारी खुदाई मशीनों के सुरक्षित संचालन के विधिक कड़े नियम समझाए गए। साथ ही सिग्नलिंग, दूरसंचार प्रणालियों, मस्तूल (मास्ट) निर्माण, अलाइनमेंट, ग्राउटिंग और जमीन के अंदर अर्थिंग लाइन (बरीड अर्थ कंडक्टर) बिछाने के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की विस्तृत जानकारी दी गई। रेलकर्मियों को प्रतिकूल मौसम में आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रक्रियाओं और त्वरित दुर्घटना बचाव व्यवस्थाओं के प्रति भी मुस्तैद किया गया ।

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