
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (उत्तर प्रदेश) के अंतर्गत इंदिरा गांधी नक्षत्रशाला द्वारा बप्पा श्री नारायण वोकेशनल पी.जी. कॉलेज (के.के.वी.), लखनऊ में नौ दिवसीय “बेसिक एस्ट्रोफोटोग्राफी वर्कशॉप” का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस विशेष कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य युवा विद्यार्थियों को आकाशीय पिंडों की फोटोग्राफी की मूलभूत तकनीकों से परिचित कराना तथा उनमें खगोल विज्ञान के प्रति वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना रहा।

23 मेधावी छात्रों ने सीखे खगोलीय फोटोग्राफी के गुर
इस तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम में 23 मेधावी विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यशाला के दौरान छात्रों को आकाशीय पिंडों के सटीक चयन, कैमरा तकनीक, आधुनिक खगोलीय उपकरणों के संचालन तथा कैप्चर की गई छवियों (इमेजेस) को डिजिटल रूप से बेहतर बनाने की व्यावहारिक बारीकियां सिखाई गईं। कार्यशाला का सफल संचालन और प्रशिक्षण विशेषज्ञ सौरभ कुमार, अनुराग अवस्थी एवं दीपशिखा द्वारा किया गया, जबकि मुख्य एस्ट्रोफोटोग्राफर के रूप में उत्कर्ष मिश्रा एवं हुजैफा शकील ने छात्रों को गहन तकनीकी ज्ञान प्रदान किया। कॉलेज की ओर से डॉ. शिवानी ने इस पूरे आयोजन के समन्वय की जिम्मेदारी निभाई।

विज्ञान परिषद के निदेशक ने बढ़ाया उत्साह
समापन समारोह के अवसर पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (उत्तर प्रदेश) के निदेशक रमेश चंद्र ने सभी मेधावी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे विशिष्ट प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदेश की युवा प्रतिभाओं को खगोल विज्ञान के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने घोषणा की कि विभाग की इस मुहिम के तहत अगली बेसिक एस्ट्रोफोटोग्राफी कार्यशाला लखनऊ के ही श्री जयनारायण पी.जी. कॉलेज (के.के.सी.) में आयोजित की जाएगी, ताकि विज्ञान, तकनीक और रचनात्मकता के इस अनूठे संगम का लाभ अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचाया जा सके।