बीबीएयू में ‘गरिमा के साथ वृद्धावस्था’ कार्यशाला आयोजित; कुलपति बोले— मानवीय मूल्यों और बुजुर्गों से जुड़ें युवा

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू), लखनऊ के सामाजिक समावेशन अध्ययन केंद्र (CSSI) द्वारा “गरिमा के साथ वृद्धावस्था: साथ, देखभाल और पीढ़ियों के बीच रिश्ते” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ‘सेकेंड इनिंग सीनियर सिटिज़न्स क्लब, लखनऊ’ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजकुमार मित्तल ने की।

अकेलेपन की सामाजिक चुनौती पर मंथन
कुलपति प्रो. राजकुमार मित्तल ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि बुजुर्गों का सम्मान भारतीय संस्कृति के मूल में है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक ज्ञान देना नहीं, बल्कि समाज के प्रति संवेदनशील बनाना है। सामाजिक समावेशन अध्ययन केंद्र की निदेशक प्रो. जया श्रीवास्तव ने कहा कि रोजगार के कारण बच्चों के बाहर चले जाने से शहरी भारत में अकेलापन बुजुर्गों की बड़ी चुनौती बन रहा है।

अपनत्व और भावनात्मक जुड़ाव पर जोर
क्लब के अतुल दुबे ने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों को भौतिक सुविधाओं से अधिक किसी अपने के साथ बातचीत करने और समय बिताने की आवश्यकता होती है। चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर शैलेन्द्र मोहन ने क्लब द्वारा बुजुर्गों के कल्याणार्थ चलाई जा रही सामाजिक गतिविधियों की जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में प्रो. रुद्र साहू ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

इस महत्वपूर्ण विमर्श सत्र में समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. बी.एन. दुबे, डॉ. संगीता कृष्णा, डॉ. बेचालाल, डॉ. रामपाल, डॉ. प्रशिमिता मोहंती, प्रो. प्रशांत कुमार त्रिवेदी, डॉ. ब्रजेश कुमार, डॉ. अजय कुमार सहित भारी संख्या में शिक्षक, शोधार्थी, कर्मचारी और शहर के प्रतिष्ठित वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे !

Related Articles

Back to top button