
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, चित्रकूट: कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), चित्रकूट के वैज्ञानिकों ने पैकोरा ग्राम का विस्तृत भ्रमण कर किसानों की खरीफ फसलों का सघन निरीक्षण किया । इस दौरान वैज्ञानिकों ने धान की फसल में बढ़ रहे पत्ती लपेटक कीट (Leaf Folder Pest) की पहचान, उसके प्रमुख लक्षणों और प्रभावी रोकथाम के रासायनिक व जैविक उपायों के बारे में किसानों को विस्तार से जानकारी दी।

इसके साथ ही, केंद्र द्वारा गाँव में खरीफ तिल प्रदर्शन के अंतर्गत उन्नत किस्म आरटी-372 (RT-372) का प्रक्षेत्र दिवस (Field Day) भी आयोजित किया गया । वैज्ञानिकों ने बताया कि इस वर्ष क्षेत्र में हुई अतिवृष्टि के बावजूद आरटी-372 किस्म में उल्लेखनीय वृद्धि और बेहतरीन उत्पादन क्षमता देखी गई है। अधिक वर्षा के कारण पौधों की ऊंचाई 5 फीट से अधिक हो गई है और एक पौधे में औसतन 25-30 फलियां लगी हैं।

स्थानीय कृषकों ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि जहाँ अन्य पारंपरिक किस्में अत्यधिक नमी के कारण गल गईं, वहीं आरटी-372 ने जलभराव की विपरीत परिस्थितियों को बेहतर ढंग से सहन किया। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. राजेन्द्र सिंह नेगी तथा प्रसार वैज्ञानिक डॉ. उत्तम कुमार त्रिपाठी सहित वैज्ञानिकों की टीम ने किसानों को रोग नियंत्रण के लिए आवश्यक कृषि सलाह प्रदान की।
