
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष नरेन्द्र नारायण यादव ने 11 अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) के गौतम बुद्ध केंद्रीय पुस्तकालय का भ्रमण किया। सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक चले इस अध्ययन भ्रमण का उद्देश्य पुस्तकालय के विकास, सुविधाओं, संसाधनों, तकनीकी व्यवस्थाओं एवं प्रबंधन प्रणाली का अवलोकन करना था।
विश्वविद्यालय पहुंचने पर प्रतिनिधिमंडल का स्वागत कुलसचिव डॉ. अश्विनी कुमार, अधिष्ठाता अकादमिक मामले प्रो. एस. विक्टर बाबू, पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. सुनील गोरिया, आईक्यूएसी निदेशक प्रो. शिल्पी वर्मा तथा सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. ओ. पी. सैनी ने किया।

भ्रमण के दौरान डॉ. सैनी ने प्रतिनिधिमंडल को पुस्तकालय के ब्रेल अनुभाग का अवलोकन कराया और उपलब्ध ब्रेल उपकरणों एवं सुविधाओं की जानकारी दी। पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. सुनील गोरिया ने आरएफआईडी प्रणाली, पुस्तकालय स्वचालन तथा सुरक्षा व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल ने पुस्तक निर्गमन-वापसी प्रणाली, पुस्तकालय संसाधनों के संगठन और विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों के लिए उपलब्ध उपयोगकर्ता-केंद्रित सेवाओं का भी जायजा लिया।
नरेन्द्र नारायण यादव ने पुस्तकालय की आधुनिक सुविधाओं और तकनीकी पहलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पुस्तकालय में बेहतर सुविधाएं विकसित की गई हैं। उन्होंने विशेष रूप से ब्रेल अनुभाग, आरएफआईडी और स्वचालन व्यवस्था को सराहनीय बताया।

उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर के शांत, स्वच्छ एवं प्राकृतिक वातावरण की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसा सकारात्मक वातावरण अध्ययन और ज्ञानार्जन के लिए अनुकूल है। उन्होंने शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के लिए विकसित सुविधाओं और अनुशासित वातावरण की सराहना की।
प्रतिनिधिमंडल ने पुस्तकालय अधिकारियों के साथ प्रशासन, सेवा वितरण, तकनीक आधारित सेवाओं एवं पुस्तकालय विकास से जुड़े विषयों पर संवाद किया। इस दौरान शैक्षणिक और विधायी पुस्तकालयों के प्रबंधन तथा विकास से संबंधित अनुभवों और श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान हुआ।

यह अध्ययन भ्रमण पुस्तकालय एवं सूचना सेवाओं के क्षेत्र में व्यावसायिक संवाद को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण रहा। इससे बिहार विधान मंडल पुस्तकालय और गौतम बुद्ध केंद्रीय पुस्तकालय, बीबीएयू के बीच संस्थागत संबंधों को सुदृढ़ करने तथा भविष्य में ज्ञान और श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान की संभावनाएं भी बढ़ी हैं।