
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, नई दिल्ली : रेलवे बोर्ड के चेयरमैन एवं सीईओ सतीश कुमार ने शनिवार को सेक्टर-145 स्थित डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) के कॉरपोरेट कार्यालय का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सेंट्रल कंट्रोल सिस्टम, रेलवे ट्रैक, परिचालन व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं की समीक्षा की। उन्होंने डीएफसीसीआईएल ट्रैक पर संचालित प्रत्येक फ्रेट ट्रेन की कम्प्यूटरीकृत मॉनिटरिंग प्रणाली का भी जायजा लिया।
कुमार ने रेलवे दुर्घटनाओं की रोकथाम पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिया कि ट्रैक अथवा परिचालन में किसी भी कमी की पहचान शुरुआती स्तर पर ही की जाए और उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने इस अवसर पर नवनिर्मित वॉर रूम का उद्घाटन किया। अधिकारियों को ट्रैक डिफिशिएंसी की पहचान के लिए समर्पित डैशबोर्ड विकसित करने तथा फ्रेट ट्रेनों की 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने फ्रेट ट्रेन क्रू की सतर्कता और सुरक्षा के लिए उपयोग किए जा रहे विजिलेंस कंट्रोल डिवाइस (वीसीडी) की प्रभावशीलता की समीक्षा करने तथा आवश्यक तकनीकी सुधार करने को कहा। स्टेशनों पर कैमरों एवं अन्य आधुनिक तकनीकों के उपयोग, सिग्नल एक्सचेंज सिस्टम की निरंतर निगरानी तथा मशीन विजन इंस्पेक्शन सिस्टम (एमवीआईएस) के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया गया।
हॉट एक्सल बॉक्स डिटेक्टर (एचएबीडी) से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए तीन-स्तरीय दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता बताई गई। इसके तहत पहले रूट कॉज और मौजूदा स्थिति की पहचान, फिर विस्तृत विश्लेषण और अंततः स्थायी एवं बेहतर प्रणाली लागू करने पर जोर दिया गया। ट्रेन डिरेलमेंट और आग लगने की घटनाओं की विस्तृत जांच तथा उनके निष्कर्षों की नियमित समीक्षा के निर्देश भी दिए गए।

कुमार ने रिसर्च एवं इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए डीएफसीसीआईएल को आरडीएसओ के साथ मिलकर नई तकनीकों के विकास एवं परीक्षण पर काम करने को कहा। कर्मचारियों के कौशल विकास के लिए एआई आधारित पाठ्यक्रम तथा इमेज रिकॉग्निशन जैसी आधुनिक तकनीकों में व्यावहारिक प्रशिक्षण शुरू करने पर भी बल दिया गया। आईआईटी दिल्ली के साथ शोध एवं तकनीकी सहयोग मजबूत करने और ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर के विकास व उपयोग को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए।
दौरे के दौरान कुमार ने वृक्षारोपण कार्यक्रम में भाग लिया और एक्सपीरियंस सेंटर का भी दौरा किया। इसके बाद उन्होंने हेवी हॉल इंस्टीट्यूट (एचएचआई) में इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग ट्रेनिंग सेटअप का उद्घाटन किया। यह सुविधा कर्मचारियों को इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम का तकनीकी एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण देने में सहायक होगी, जिससे परिचालन सुरक्षा और दक्षता बढ़ेगी।

बैठक के दौरान उन्होंने वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डब्ल्यूडीएफसी) के पूर्ण होने और कमीशनिंग पर डीएफसीसीआईएल को बधाई दी। उन्होंने औसत फ्रेट ट्रेन गति में निरंतर सुधार, बेहतर पंक्चुअलिटी और परिचालन दक्षता बनाए रखने पर जोर दिया।
इस अवसर पर सतीश कुमार ने कहा, “डीएफसीसीआईएल का दौरा एक अद्भुत अनुभव रहा और कॉरपोरेट ऑफिस की स्थिति तथा डीएफसीसीआईएल के समर्पित अधिकारियों की टीम को देखकर खुशी हुई। डीएफसीसीआईएल ने लॉजिस्टिक्स मूवमेंट में अद्भुत योगदान दिया है और यह भारतीय रेल नेटवर्क की रीढ़ है।”
उन्होंने कहा कि 8 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री द्वारा डब्ल्यूडीएफसी के अंतिम डेडिकेशन किया जाना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसके साथ डीएफसीसीआईएल अपने निर्धारित स्केल में पूरी तरह कम्पलीट हो गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि डीएफसीसीआईएल हर दिन नए लक्ष्य हासिल करेगा और ‘विकसित भारत 2047’ के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देता रहेगा।

दौरे के दौरान डीएफसीसीआईएल के प्रबंध निदेशक प्रवीण कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में संगठन के कामकाज, परिचालन सुरक्षा, तकनीकी विकास, प्रशिक्षण व्यवस्था और भविष्य की योजनाओं पर भी विस्तृत चर्चा हुई।