
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : उत्तर प्रदेश की मसाला अर्थव्यवस्था को वैश्विक मंच पर नई पहचान देने के उद्देश्य से शनिवार को उद्यान भवन में छठे उत्तर प्रदेश स्पाइस कान्फ्रेन्स एवं एक्सपो-2026 का भव्य आयोजन किया गया । सेंटर फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (CARD) द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में 3EA ग्लोबल ने नॉलेज पार्टनर के रूप में अपनी भूमिका निभाई।
औद्यानिक उत्पादन में देश में नंबर-1 है उत्तर प्रदेश
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने घोषणा की कि उत्तर प्रदेश आज औद्यानिक उत्पादन के क्षेत्र में पूरे देश में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने मसाला क्षेत्र में गुणवत्ता, शुद्धता, मूल्य संवर्धन (Value Addition) और निर्यात क्षमता बढ़ाने की विधिक आवश्यकताओं पर बल दिया। मंत्री ने बताया कि लखनऊ में नवनिर्मित आधुनिक एग्री मॉल में प्रमाणित जैविक उत्पादों और शुद्ध मसालों के विपणन के लिए विशेष स्थान आरक्षित किया जाएगा।

कच्चे मसालों के बजाय ब्रांडेड उत्पादों पर ज़ोर
3EA ग्लोबल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) डॉ. विभोर मिश्रा ने रणनीतिक विचार साझा करते हुए कहा कि मसाला क्षेत्र का मूल्यांकन उत्पादन की मात्रा के बजाय प्रति हेक्टेयर उत्पन्न आर्थिक मूल्य के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने कच्चे मसालों के स्थान पर मसाला तेल, ओलियोरेजिन तथा प्रसंस्कृत ब्रांडेड उत्पादों के निर्माण पर ज़ोर दिया। तकनीकी सत्रों में अडानी स्पाइसेस, राकेश मसाला, एमडीएच (MDH), गोल्डी स्पाइसेस, CSIR-CIMAP और BBAU के वैज्ञानिकों व प्रतिनिधियों ने अंतरराष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन को विधिक रूप से अनिवार्य बताया।

इस राष्ट्रीय एक्सपो के गरिमापूर्ण उद्घाटन सत्र में निदेशक उद्यान भानु प्रकाश राम, संयुक्त निदेशक डॉ. सर्वेश कुमार, संयुक्त निदेशक डॉ. राजीव कुमार वर्मा, आईएसीसी/आईसीएफए (IACC/ICFA) के मुकेश बहादुर सिंह तथा स्पाइसेस बोर्ड के प्रतिनिधि मुस्तैदी से उपस्थित रहे ।