
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू), लखनऊ द्वारा अंतरराष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस के अवसर पर उन्नत भारत अभियान के अंतर्गत सरोजिनी नगर विधानसभा में स्थित अपने गोद लिए गांव ‘ओरांवा’ में एक वृहद् सामाजिक व शैक्षणिक महाअभियान का सफल आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल की अध्यक्षता में ओरांवा के माध्यमिक विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण विकास, जनस्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सामाजिक चेतना जागृत करना रहा।

स्मार्ट क्लासरूम और करियर काउंसलिंग से जुड़ेंगे ग्रामीण बच्चे
कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने विधिक घोषणा करते हुए कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु विश्वविद्यालय ओरांवा में एक आधुनिक पुस्तकालय (लाइब्रेरी) विकसित करेगा। इसके साथ ही, स्मार्ट क्लासरूम के माध्यम से बीबीएयू के शोधार्थी व शिक्षक यहाँ के बच्चों को नियमित रूप से करियर मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।

उन्नत भारत अभियान के समन्वयक प्रो. नवीन कुमार अरोड़ा ने पूर्व में किए गए मृदा व जल परीक्षण जैसी वैज्ञानिक गतिविधियों की विधिक आख्या प्रस्तुत की। प्रो. यू.वी. किरण तथा मानव विकास एवं परिवार अध्ययन विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. शालिनी अग्रवाल ने ग्रामीणों को तनाव प्रबंधन व मानसिक स्वास्थ्य के विधिक आयामों से अवगत कराया।

मुफ्त दवाइयां, जैव उर्वरक और कपड़ों के थैलों का मुस्तैद वितरण
इस महाअभियान के अंतर्गत मानव विकास विभाग के छात्रों ने मानसिक स्वास्थ्य पर एक मर्मस्पर्शी नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। इसके समानांतर, किसानों को रासायनिक खादों के विधिक विकल्प के रूप में निःशुल्क जैव उर्वरक (Bio-fertilizers) वितरित किए गए।विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों द्वारा लगाए गए चिकित्सा शिविर में ग्रामीणों की सघन जांच कर मुफ्त बुनियादी दवाइयां दी गईं।

‘प्लास्टिक मुक्त गांव अभियान’ के तहत सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर विधिक रोक लगाने हेतु कपड़े के थैलों का निःशुल्क संवितरण किया गया तथा परिसर में फलदार पौधों का मुस्तैद रोपण किया गया। इस दौरान डॉ. रुपिका चौपड़ा सहित भारी संख्या में शिक्षक, शोधार्थी व ग्रामीण उपस्थित रहे।
