ग्राम विकास में जनभागीदारी से आएगा स्थायी बदलाव, चित्रकूट में तीन दिवसीय ग्राम प्रस्फुटन संवाद एवं कार्यशाला का समापन

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, चित्रकूट : मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद एवं दीनदयाल शोध संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में उद्यमिता विद्यापीठ में आयोजित तीन दिवसीय ग्राम प्रस्फुटन संवाद एवं कार्यशाला का मंगलवार को लोहिया सभागार में समापन हुआ। कार्यशाला में ग्राम प्रस्फुटन समितियों और नवांकुर संस्थाओं के पदाधिकारियों ने ग्रामीण विकास, जनभागीदारी और शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विचार साझा किए।

समापन समारोह में सुतिक्ष्ण मुनि आश्रम के महंत श्री रामेश्वर दास जी महाराज, नीमच के विधायक अनिरुद्ध मारू, संघ के महाकौशल प्रांत पर्यावरण गतिविधियों के संयोजक रामकृष्ण, डॉ. हरिशंकर मरकाम तथा दीनदयाल शोध संस्थान के राष्ट्रीय संगठन सचिव अभय महाजन सहित अन्य अतिथि उपस्थित रहे।

जनभागीदारी से मजबूत होगा गांव

जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक आशीष ताम्रकार ने तीन दिवसीय कार्यक्रम की गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम प्रस्फुटन समितियां शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इनके माध्यम से ग्रामीणों को विकास कार्यों से जोड़ने और सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने के प्रयास किए जाते हैं।

विधायक अनिरुद्ध मारू ने कहा कि भगवान राम की कर्मभूमि पर नानाजी देशमुख द्वारा स्थापित दीनदयाल शोध संस्थान आज वंचित और पीड़ित लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है।

आत्मनिर्भर गांवों पर जोर

दीनदयाल शोध संस्थान के राष्ट्रीय संगठन सचिव अभय महाजन ने कहा कि जनता की पहल और पुरुषार्थ से किए गए कार्य स्थायी होते हैं। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानव दर्शन के अनुरूप समाज के अंतिम व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए दोनों संस्थाएं मिलकर कार्य कर रही हैं।

इस दौरान समाज शिल्पी दंपतियों के ग्रामीण कार्यक्रमों की जानकारी राजेंद्र सिंह ने दी। जन शिक्षण संस्थान के निदेशक अनिल सिंह ने प्रशिक्षण गतिविधियों और कृषि विज्ञान केंद्र, मझगवां के वैज्ञानिक डॉ. हेमराज द्विवेदी ने स्थानीय संसाधनों से रोजगार सृजन की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।

कार्यशाला में ग्राम स्तर पर समस्याओं की पहचान, सामूहिक समाधान, पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और समितियों तथा प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर बल दिया गया।

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