
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, चित्रकूट : महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय के अंतर्गत संचालित दीनदयाल उपाध्याय कौशल केंद्र में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई।
विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. आलोक चौबे ने अपने विशेष संदेश में कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के ‘एकात्म मानववाद’ और ‘अंत्योदय’ के विचार समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान और समग्र विकास की सही दिशा दिखाते हैं। उनके सिद्धांतों को आत्मसात करते हुए वंचितों के कल्याण के लिए कार्य करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. उमेश कुमार शुक्ला ने पंडित जी को अंत्योदय का प्रणेता बताते हुए उनके राष्ट्रचिंतन, साहित्यिक योगदान और संघर्षपूर्ण जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कुलसचिव प्रो. आंजनेय पांडेय ने एकात्म मानववाद की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए कहा कि अंतिम व्यक्ति का उदय ही अंत्योदय की परिकल्पना को सार्थक करेगा।
इस अवसर पर संजय सिंह ने पंडित जी के जीवन-वृत्त को रेखांकित किया। कार्यक्रम का सफल संचालन लक्ष्मण प्रसाद गर्ग द्वारा किया गया तथा अंत में आभार प्रदर्शन डॉ. राकेश श्रीवास्तव ने किया। इस दौरान भारी संख्या में विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

