
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में विवाह, मुंडन समेत अन्य मांगलिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए अब ग्रामीण परिवारों को सस्ती और सुलभ दरों पर सुविधाजनक स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में पंचायत उत्सव भवन का निर्माण कराया जा रहा है। योजना का क्रियान्वयन और संचालन ग्राम पंचायतों के माध्यम से किया जाएगा।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में पंचायत उत्सव भवनों के निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये का प्राविधान किया गया था। प्रथम चरण में प्रदेश की 71 ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक भवन के निर्माण के लिए धनराशि जारी की गई है। प्रत्येक भवन की अनुमानित लागत करीब 1.41 करोड़ रुपये है और इनका निर्माण कार्य शुरू किया जा चुका है।
पंचायत उत्सव भवन के लिए करीब 3000 वर्गमीटर भूमि की आवश्यकता होगी, जबकि 520 वर्गमीटर क्षेत्र में निर्माण किया जाएगा। भवन में 100 लोगों की क्षमता वाला हॉल, स्टेज एवं मंडप, तीन कमरे, रसोईघर, पुरुष एवं महिला शौचालय, दिव्यांगजन शौचालय तथा भूतल पर शौचालय सहित दिव्यांगजन हितैषी कमरा जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
योजना के दूसरे चरण में वित्तीय वर्ष 2026-27 के नियमित बजट से 71 पंचायत उत्सव भवनों के निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये का प्राविधान किया गया है। इसके अलावा अनुपूरक बजट में 78 पंचायत उत्सव भवनों के लिए 109 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
निविदा के जरिए होगा संचालन
पंचायत उत्सव भवनों का संचालन ग्राम पंचायत द्वारा निविदा प्रक्रिया के माध्यम से चयनित निविदादाता के साथ अनुबंध कर किया जाएगा। अनुबंध अधिकतम पांच वर्ष के लिए मान्य होगा। भवन के रखरखाव, मरम्मत, जल शुल्क, बिजली खर्च और संचालन की जिम्मेदारी संबंधित निविदादाता की होगी।
निविदा की शर्तों, संचालन की मानक प्रक्रिया और भवन आवंटन की दरों का निर्धारण जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति करेगी। चयनित निविदादाता को प्रत्येक वर्ष की धनराशि अनुबंध की निर्धारित तिथि से पहले ग्राम पंचायत के ओएसआर खाते में जमा करनी होगी। योजना से ग्रामीण परिवारों को मांगलिक आयोजनों के लिए किफायती स्थान मिलने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक सुविधाओं का विस्तार होगा।