
एसबीएसएस, लखनऊ : बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (BBAU) के हिंदी प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित ‘सप्त दिवसीय हिन्दी कार्यशाला’ के तहत सोमवार को ‘राजभाषा कार्यान्वयन का व्यावहारिक पक्ष’ विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया । कार्यक्रम में भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ के सहायक निदेशक (राजभाषा) अभिषेक प्रकाश मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे ।
कार्यक्रम का शुभारंभ आयोजन समिति द्वारा मुख्य वक्ता को अंगवस्त्रम एवं स्मृति चिह्न भेंट कर किया गया। अपने व्याख्यान में अभिषेक प्रकाश ने कहा कि राजभाषा हिंदी का वास्तविक उद्देश्य तभी सार्थक हो सकता है, जब इसका उपयोग केवल आयोजनों तक सीमित न रखकर
दैनिक व्यवहार और नियमित कार्यप्रणाली का अभिन्न अंग बनाया जाए। उन्होंने प्रशासनिक कार्यों, पत्राचार, टिप्पण एवं प्रारूपण (नोटिंग-ड्राफ्टिंग) में सरल, सहज और प्रभावी हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग पर विशेष बल दिया।

प्रकाश ने रेखांकित किया कि हिंदी को सशक्त बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विश्वविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों से अपने दैनिक कार्य-व्यवहार में हिंदी को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। इस अवसर पर राजभाषा सहायक निदेशक डॉ. बलजीत कुमार श्रीवास्तव, डॉ. प्रीति राय, डॉ. संध्या दीक्षित सहित भारी संख्या में शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे ।