
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ/मैलानी : रेलवे बोर्ड के निर्देशानुसार चयनित स्टेशनों पर आयोजित किए जा रहे ‘स्टेशन महोत्सव’ के क्रम में गुरुवार को पूर्वोत्तर रेलवे, लखनऊ मंडल के मैलानी जंक्शन स्टेशन पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन मंडल रेल प्रबंधक गौरव अग्रवाल के मार्गदर्शन में हुआ। इस दौरान वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर (कैरिज एंड वैगन) समन्वय निलेश सिंह की उपस्थिति रही।
भारतीय रेल की धरोहर मैलानी-नानपारा मीटर गेज लाइन को समर्पित महोत्सव में स्काउट एवं गाइड के बच्चों तथा मंडल के कलाकारों ने संस्कृति, देशभक्ति और सामाजिक एकता पर आधारित रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। प्रस्तुतियों ने यात्रियों और स्थानीय नागरिकों का मन मोह लिया। वहीं, आमजन को रेल संरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मंडल की संरक्षा टीम ने ‘संरक्षा’ विषय पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम के दौरान मैलानी जंक्शन पर कार्यरत विभिन्न विभागों के 12 वरिष्ठ कर्मचारियों को उत्कृष्ट कार्य एवं सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि मैलानी जंक्शन केवल रेलवे स्टेशन नहीं, बल्कि भारतीय रेल की गौरवशाली विरासत का जीवंत प्रतीक है। यह इतिहास को वर्तमान से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण धरोहर है।
मैलानी जंक्शन की स्थापना वर्ष 1885 में हुई थी। 141 वर्षों की यात्रा में यह स्टेशन तराई क्षेत्र के विकास और परिवहन का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। प्रारंभिक दौर में यहां से लकड़ी और स्थानीय संसाधनों के परिवहन को बढ़ावा मिला। बाद में मैलानी जंक्शन लखनऊ, पीलीभीत, बरेली और लखीमपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों को जोड़ने वाला प्रमुख रेल केंद्र बना।
समय के साथ स्टेशन का आधुनिकीकरण भी हुआ है। मीटर गेज की जगह ब्रॉडगेज कनेक्टिविटी, विद्युतीकरण, आधुनिक प्लेटफॉर्म, बेहतर यात्री सुविधाएं, वाई-फाई, डिजिटल डिस्प्ले, सुगम पहुंच मार्ग, आधुनिक सिग्नलिंग और सीसीटीवी जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं।

मैलानी जंक्शन तराई क्षेत्र में पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। यह दुधवा नेशनल पार्क जाने वाले पर्यटकों और वन्यजीव प्रेमियों के लिए प्रमुख रेल संपर्क केंद्र है। मैलानी-नानपारा रेल मार्ग का प्राकृतिक एवं ऐतिहासिक महत्व भी इसे विशेष पहचान देता है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी, यात्री और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।